भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की शुरुआत, प्रज्जवलित किए गए पांच लाख 51 हजार दीप
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की शुरुआत, प्रज्जवलित किए गए पांच लाख 51 हजार दीप
अयोध्या: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में शुक्रवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भव्य दीपोत्सव की शुरुआत हुई। दीपोत्सव में पांच लाख 51 हजार दीप प्रज्जवलित किये जायेंगे । शुक्रवार को दोपहर बाद हेलीकाप्टर से यहां पहुंचने के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भगवान राम की पूजा की। उसके बाद सरयू तट पर ‘पुष्पक विमान’ (हेलीकाप्टर) से उतरने पर भगवान राम, देवी सीता और लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले कलाकारों का स्वागत किया ।
इससे पहले शुक्रवार को एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि देश और दुनिया के करोड़ो हिंदुओं के आराध्य प्रभु श्रीराम की अयोध्या, वैश्विक पटल पर उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनेगी। श्री राम की नगरी को सजाने, संवारने के लिए बीते पौने चार साल से जिस नियोजित ढंग से योगी आदित्यनाथ सरकार कोशिश कर रही है, उससे आने वाले समय में यह न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर अंकित होगा, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक उन्नति का नया मानक भी बनेगा। उन्होंने बताया कि श्री राम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण शुरू हो जाने के बाद अब यहां पर्यटन विकास की अपार संभावनाओं को देखते हुए योगी सरकार नीतिगत प्रयास कर रही है। सबकुछ ठीक रहा तो गंगा की तर्ज पर यहां भी सरयू नदी में छोटे जहाज यानी क्रूज चलते नजर आएंगे।
प्रवक्ता के मुताबिक राम नगरी अयोध्या को तिरूपति जैसा शहर बनाने की योजना पर काम चल रहा है। कनेक्टिविटी विकास की जरूरत के लिहाज से यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विकसित किया किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घोषणा कर चुके हैं कि अयोध्या में सरयू नदी के किनारे भगवान राम की 251 मीटर की लंबी मूर्ति बनेगी। इसके लिए जगह भी चिन्हित कर ली गई है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पांच सितारा होटल बनाए जाएगें। सभी राज्यों और कुछ चुनिन्दा देशों के अतिथि भवन, तीर्थ यात्रियों के रुकने के लिए रैनबसेरों का भी निर्माण किया जाएगा। प्रभु श्री राम की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, वैदिक और आधुनिक सिटी के समन्वित मॉडल के रूप में नव्य अयोध्या के अलावा और भी बहुत कुछ होगा। कुछ काम हो रहे हैं और कई पाइपलाइन में हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि अयोध्या की विकास परियोजनाओं के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार ने खजाना खोल दिया है। अयोध्या आने वाली रेलवे लाइन का दोहरीकरण के साथ भविष्य की जरूरतों के अनुसार रेलवे स्टेशन का सुंदरीकरण और विस्तारीकरण का काम जल्द आरंभ होगा ।अयोध्या से सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 330 से एयरपोर्ट तक 18.75 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन की सड़क को संवारा जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अयोध्या धाम से बाईपास के लिए सोहावल से विक्रमजोत तक का प्रस्ताव बना रहा है। करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से रायबरेली से अयोध्या तक चार लेन की सड़क के चौड़ीकरण का कार्य भी शीघ्र शुरू होगा ।
पिछले दिनों पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अयोध्या को पर्यटन के लिहाज से वैश्विक सिटी बनाने के लिए उसी के अनुरूप कंसलटेंट का चयन करें। अयोध्या में करीब 242 लाख रुपये की लागत से दशरथ महल, सत्संग भवन, यात्री सहायता केंद्र और रैनबसेरा का निर्माण कार्य चल रहा है। फिलहाल अयोध्या में 524 लाख रुपये की लगात से ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, 197 लाख रुपये की लागत से पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर छाजन, दिगंबर अखाड़ा में 288 लाख रुपये की लागत से मल्टीपरपज हाल का निर्माण होना है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सीवरेज और पेयजल के लिए होने वाले काम अलग से हैं। रेल लाइन का दोहरीकरण, रेलवे स्टेशन का विस्तारीकरण और सुंदरीकरण भी हो रहा। सड़कों के चौड़ीकरण के कुछ प्रस्ताव राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास है।
Earthen lamps lit on the bank of River Saryu in Ayodhya as part of ‘Deepotsava’. pic.twitter.com/q5UNbYtpWt
— ANI UP (@ANINewsUP) November 13, 2020

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