(वरुण भंडारी)
नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) कुंवर शकील की बेटी चिकित्सा की पढ़ाई करने ईरान गई थी, लेकिन अब वह युद्धग्रस्त देश में फंस गई है और उसे नहीं पता कि वह कब लौट पाएगी। इस बारे में बताते हुए शकील फूट-फूटकर रो पड़े।
शकील (49) ने फोन पर रोते हुए पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हमने सोमवार सुबह उससे बात की थी। उसके कॉलेज के पास बम धमाका हुआ।’’
पुरानी दिल्ली के निवासी शकील की बेटी तेहरान के इस्लामिक आजाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई करती है।
शकील ने कहा, ‘‘वह छठे सेमेस्टर में है।’’ उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को मंगलवार को भारत आने वाले विमान में सवार होना था, लेकिन अब वह निकासी का इंतजार कर रही है।
उन्होंने कहा कि शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई है।
अधिकारियों के अनुसार, ईरान में पढ़ रहे हजारों भारतीय छात्र वर्तमान में सुरक्षित निकासी का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि स्थिति पूर्ण सैन्य संघर्ष में तब्दील हो गई है।
शकील ने कहा, ‘‘मेरी बेटी ने हमें बताया कि उसके कॉलेज परिसर के आसपास भारी बमबारी हुई है और पिछले दो दिनों में यह बढ़ गई है।’’
कई अभिभावकों के लिए, यह बेहद डरावना है क्योंकि फोन एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी लगभग ठप हो गई है।
मालवीय नगर की निवासी जुबिया खान की बेटी तेहरान में पढ़ाई कर रही है।
उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मेरी बेटी को फोन पर बात करने के लिए कम से कम 40 बार कोशिश करनी पड़ती है।’’
जुबिया ने कहा कि ईरान में इंटरनेट कनेक्टिविटी पूरी तरह से ठप हो गई है और माता-पिता रुक-रुककर मिलने वाली ट्रंक कॉल पर निर्भर हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी बेटी ने अभी-अभी एमबीबीएस का तीसरा वर्ष पूरा किया है और वह 5 मार्च को होने वाली परीक्षा की तैयारी कर रही थी। लेकिन स्थिति बिगड़ गई और अब उनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है।’’
अभिभावकों ने कहा कि अब उनकी एकमात्र उम्मीद भारत सरकार पर टिकी है और वे प्रार्थना कर रहे हैं कि उनके बच्चों को जल्द से जल्द बचा लिया जाए।
जुबिया ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘2025 में सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू किया और हमारे सभी बच्चों को सुरक्षित वापस ले आई। हमें उम्मीद है कि हमारी सरकार इस बार भी जल्द ही कुछ ऐसा ही करेगी।’’
अभिभावकों ने यह भी बताया कि भारतीय छात्र सीमित राशन पर ही गुजारा कर रहे हैं।
ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एआईएमए) के राष्ट्रीय प्रतिनिधि और इसकी जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष मोमिन खान ने मंगलवार को कहा कि भारतीय दूतावास ने विभिन्न कॉलेजों के छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है।
उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा कि दूतावास उन्हें ईरान के कोम शहर ले जा रहा है।
भाषा नेत्रपाल नरेश
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