जम्मू, 19 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कश्मीर विस्थापित जिला (केडीडी) इकाई ने शुक्रवार को घाटी के विभिन्न जिलों के प्रशासन के साथ कई बैठक कर कश्मीरी पंडितों की संपत्तियों पर हुए अतिक्रमण हटाने और विस्थापित समुदाय के कर्मचारियों के लिए अलग से शिकायत निवारण शिविर लगाने की मांग की। पार्टी की केडीडी इकाई ने एक बयान में कश्मीरी पंडित समुदाय के अधिकारों, संपत्तियों की रक्षा और कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
केडीडी अध्यक्ष राजीव पंडित के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कई जिलों के उपायुक्तों और वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों से मुलाकात की।
इस दौरान विस्थापित और गैर-विस्थापित कश्मीरी पंडितों से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीरी पंडितों की संपत्तियों और मंदिरों की जमीनों पर कथित अतिक्रमण, प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नियुक्त कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों तथा घाटी में रह रहे समुदाय के अन्य लोगों की समस्याओं को उठाया।
ये बैठकें प्रतिनिधिमंडल की पिछली कश्मीर यात्रा के दौरान उठाई गई चिंताओं के बाद आगे की कार्रवाई के रूप में आयोजित की गईं।
इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य विस्थापित कश्मीरी पंडितों की आवासीय, कृषि और धार्मिक संपत्तियों से जुड़े मामलों में प्रशासनिक हस्तक्षेप सुनिश्चित करना था।
अनंतनाग के उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट के साथ बैठक के दौरान पंडित ने माचभवन ट्रांजिट आवास तक पहुंचने के लिए एक अलग और अधिक सुरक्षित सड़क बनाने की मांग की।
इस ट्रांजिट आवास में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नियुक्त कर्मचारियों को रहने की सुविधा दी जाती है।
उन्होंने अतिक्रमण से जुड़े मामलों को लेकर आवेदन भी सौंपे और अशमुकाम के लोगरीपोरा में होने वाले आगामी माता खीर भवानी मेले के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं करने का प्रशासन से आग्रह किया।
पंडित ने अनंतनाग में प्रधानमंत्री पैकेज कर्मचारियों के लिए एक अलग शिकायत निवारण शिविर लगाने की भी मांग की।
जिला प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि ऐसा शिविर जल्द ही लगाया जाएगा।
भाषा जितेंद्र माधव
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