जीएसआई टीम भारत में मिट्टी के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी के फटने की जांच के लिए अंडमान का दौरा करेगी

जीएसआई टीम भारत में मिट्टी के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी के फटने की जांच के लिए अंडमान का दौरा करेगी

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  • Publish Date - October 5, 2025 / 04:33 PM IST,
    Updated On - October 5, 2025 / 04:33 PM IST

पोर्ट ब्लेयर, पांच अक्टूबर (भाषा) भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) भारत में मिट्टी के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी (मड वोल्केनो) में हालिया विस्फोट की जांच के लिए बाराटांग द्वीप पर एक टीम भेजेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

जीएसआई के उप महानिदेशक शांतनु भट्टाचार्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि ज्वालामुखी दो दशकों से भी ज्यादा समय से निष्क्रिय था और दो अक्टूबर को हुआ विस्फोट ‘टेक्टोनिक प्लेट’ की हलचल के कारण हुआ प्रतीत होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘कोलकाता से सात भूवैज्ञानिकों की एक टीम सात अक्टूबर को बाराटांग का दौरा करेगी और क्षेत्र का निरीक्षण करेगी। वे परीक्षण के लिए मिट्टी और गैस के नमूने एकत्र करेंगे। बाराटांग में हमारे पास पहले से ही एक परीक्षण सुविधा है।’’

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ‘टेक्टोनिक प्लेटों’ की लगातार गति के कारण ‘सबडक्शन जोन’ में हैं, जिससे ज्यादातर समय कंपन होता है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या ये विस्फोट चिंता का विषय हैं, भट्टाचार्य ने कहा कि आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करना बेहतर होगा।

पोर्ट ब्लेयर से लगभग 150 किलोमीटर दूर, उत्तर और मध्य अंडमान जिले के बाराटांग स्थित मिट्टी के एकमात्र ज्वालामुखी को देखने हजारों पर्यटक आते हैं।

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘यहां का मिट्टी का ज्वालामुखी धरती के अंदर सड़ रहे जैविक पदार्थों से उत्पन्न गैसों से बनता है। ये मिट्टी और गैस को सतह पर धकेलता है, जिससे बुलबुले बनते हैं और गड्ढों की संरचना उभरती है। यह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दर्शनीय स्थलों में से एक है।’’

बृहस्पतिवार (दो अक्टूबर) दोपहर करीब डेढ़ बजे बाराटांग के जारवा क्रीक में मिट्टी के ज्वालामुखी में भीषण विस्फोट हुआ। तेज आवाज के बाद भारी मात्रा में कीचड़ निकलने लगा। इतना भीषण विस्फोट पिछली बार 2005 में हुआ था।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश