गुजरात: ‘स्पीडबोट’ से 200 किलोग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद, दो ईरानी नागरिक पकड़े गए

गुजरात: ‘स्पीडबोट’ से 200 किलोग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद, दो ईरानी नागरिक पकड़े गए

गुजरात: ‘स्पीडबोट’ से 200 किलोग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद, दो ईरानी नागरिक पकड़े गए
Modified Date: February 17, 2026 / 09:07 pm IST
Published Date: February 17, 2026 9:07 pm IST

अहमदाबाद, 17 फरवरी (भाषा) गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) और तटरक्षक बल ने दो ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने ‘स्पीडबोट’ के जरिए भारतीय समुद्री क्षेत्र में कथित तौर पर घुसकर 200 किलोग्राम से अधिक संदिग्ध मादक पदार्थ की तस्करी करने की कोशिश की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सेना की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि गुजरात एटीएस द्वारा साझा की गई जानकारी पर कार्रवाई करते हुए भारतीय तटरक्षक बल के एक पोत को सोमवार रात उस विदेशी नौका को रोकने के लिए भेजा गया था, जिसके अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त होने का संदेह था।

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘नौका की गहन तलाशी के बाद उसमें 203 थैलियां बरामद हुईं, जिनमें से प्रत्येक का वजन लगभग एक किलोग्राम था और उनमें ‘क्रिस्टलीय’ पदार्थ था, जिसके मादक पदार्थ होने का संदेह है।’’

एटीएस के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सुनील जोशी ने पत्रकारों को बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) ने सोमवार रात पोरबंदर तट से लगभग 140 समुद्री मील दूर अरब सागर में एक ईरानी ‘स्पीडबोट’ को रोका।

नौका से सफेद पाउडर की 203 थैलियां थी जब्त की गईं और परीक्षण में यह हेरोइन नहीं पाई पायी, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा इसका आगे विश्लेषण किया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी अब्दुल मजीद और अब्दुल सत्तार दोनों ने ईरान से यहां तक की पूरी यात्रा ‘स्पीडबोट’ के जरिए की।

दोनों आरोपी ईरान के चाबहार निवासी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इतनी दूर स्पीडबोट से यात्रा करना बेहद साहसिक कदम है। हमारी जानकारी के अनुसार, ये थैलियां पंजाब के किसी व्यक्ति को दी जानी थी और इस संबंध में जांच की जा रही है।’’

अधिकारी ने बताया कि एटीएस को सूचना मिली थी कि मादक पदार्थों के ईरानी तस्कर हाजी फिदा ने ईरान के कोनारक बंदरगाह से संदिग्ध रासायनिक पदार्थ की खेप भेजी है, जिसे समुद्र के बीच में एक भारतीय जहाज को सौंपना था।

डीआईजी ने बताया कि ईरान जैसे दूर देश से स्पीडबोट पर यात्रा करना दुर्लभ है और पिछले चार साल में ऐसे केवल दो मामले सामने आए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ईरानी तस्करों ने एक नया तरीका अपनाया है, क्योंकि स्पीडबोट के तटरक्षक जहाजों से बचने की संभावना अधिक होती है।’

जोशी ने बताया कि आरोपियों से दो फोन बरामद हुए हैं और जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इन फोनों के डेटा से और जानकारी मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ईरानियों से पूछताछ में भाषा बाधक बन रही है।

भाषा यासिर रंजन

रंजन


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