गुजरात के कार्यवाहक डीजीपी ने पुलिस विभाग में ईंधन खपत कम करने का निर्देश दिया
गुजरात के कार्यवाहक डीजीपी ने पुलिस विभाग में ईंधन खपत कम करने का निर्देश दिया
गांधीनगर, 14 मई (भाषा) गुजरात के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के एल एन राव ने पुलिस विभाग में ईंधन की बचत करने के उद्देश्य से कई दिशानिर्देश जारी किए हैं।
डीजीपी ने यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता कम करने सहित मितव्ययिता उपायों को अपनाने की अपील के बाद उठाया है।
राव ने बुधवार को कहा, ‘‘प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन की खपत कम करने के आह्वान के बाद, पुलिस विभाग ने भी उन निर्देशों पर महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।’’
राव ने ये निर्देश राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, क्षेत्र में काम करने वाली इकाइयों और शहर एवं जिला पुलिस प्रमुखों की ऑनलाइन बैठक के दौरान जारी किये।
डीजीपी ने बैठक के दौरान यात्रा और ईंधन पर होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करते हुए प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘‘जिला और मुख्यालय स्तर की सभी बैठकें ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएं।’’
यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक राव ने जांच अधिकारियों को ‘न्यायश्रुति’ परियोजना के तहत वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ऑनलाइन गवाही और गवाह प्रक्रियाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया, जिससे यात्रा के समय और संबंधित खर्चों में काफी कमी आने की उम्मीद है।
विज्ञप्ति के मुताबिक एस्कॉर्ट और पायलट सुविधाएं केवल निर्धारित पात्रता श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले गणमान्य व्यक्तियों को ही प्रदान की जानी चाहिए।
विज्ञप्ति के मुताबिक कार्यवाहक डीजीपी ने निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों में गश्त के लिए मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, जबकि चार पहिया वाहनों को केवल राजमार्गों पर और अपरिहार्य परिस्थितियों में ही उपयोग किया जाना चाहिए।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी राव ने विभागीय कामकाज में प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि यात्रा को कम करने और समय एवं संसाधनों की बचत करने के लिए सभी विभागीय बैठकें, सम्मेलन और प्रशासनिक चर्चाएं अनिवार्य रूप से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित की जानी चाहिए।
विज्ञप्ति के मुताबिक पुलिस बंदोबस्त और तैनाती व्यवस्था के संबंध में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाए।
उन्होंने कहा कि कर्मियों को अधिमानतः पास के पुलिस थानों में तैनात किया जाना चाहिए और कर्मचारियों के परिवहन के लिए निश्चित पिक-अप पॉइंट की व्यवस्था की जानी चाहिए।
दिशानिर्देश में अधिकारियों को सलाह दी गई कि वे यह सुनिश्चित करें कि कर्मचारी एक ही वाहन में एक साथ यात्रा करें या आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें ताकि ईंधन की खपत कम हो और सरकारी संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके।
भाषा धीरज नरेश
नरेश

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