गांधीनगर, सात मई (भाषा) गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपनी पारंपरिक सरकारी जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर सार्थक प्रशासनिक सुधार लाने के प्रयास करें।
संघवी गांधीनगर में राज्य राजस्व विभाग के तीन दिवसीय चिंतन शिविर के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘यदि जनता के साथ अधिकतम संपर्क वाले कार्यालयों को जागरूक नहीं किया गया, तो तीन दिवसीय चिंतन शिविर की मेहनत जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पाएगी।’’
उन्होंने जिलाधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक सुधार लाने के लिए अपनी नियमित सरकारी जिम्मेदारियों और कार्यालय समय से परे जाकर काम करें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा, ‘‘आपको यह तय करना होगा कि आप सरकार द्वारा सौंपे गए परंपरागत कार्यों को जारी रखना चाहते हैं या अपने कार्यकाल के दौरान किसी विशेष दिशा में बदलाव लाने के लिए अपने कर्तव्यों से परे जाकर काम करना चाहते हैं।’’
जिलाधिकारियों की व्यापक भूमिका पर जोर देते हुए, संघवी ने कहा कि उनकी जिम्मेदारियां राजस्व प्रशासन और वीआईपी और वीवीआईपी के लिए प्रोटोकॉल व्यवस्था तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासनों के लिए प्राथमिकता वाले कई क्षेत्रों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इनमें खेल और साइकिलिंग संस्कृति को बढ़ावा देना, पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करना, जिलों में लघु एवं मध्यम उद्यमों के निवेश को प्रोत्साहित करना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि गुजरात स्थित उद्योग अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कोष का इस्तेमाल राज्य के भीतर ही करें।
उन्होंने अधिकारियों को राज्य भर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्थित स्ट्रीट फूड स्टॉल और रेस्तरां में स्वच्छता मानकों को सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
भाषा आशीष नरेश
नरेश