Hanta Virus News/Image Source: Social Media
Hanta Virus News: हंता वायरस की एंट्री से पूरी दुनिया खौफ में है। हंता वायरस एक खतरनाक बीमारी है, जो मुख्य रूप से चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क से फैलती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि MV होंडियस क्रूज जहाज पर हंता वायरस से जुड़े आठ मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन संदिग्ध शामिल हैं। बताया जा रहा है कि वैश्विक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा इस दुर्लभ एंडीज स्ट्रेन के वायरस के प्रसार को रोकने और इसके संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए तेजी से प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकोप से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपने सोशल मीडिया X हैंडल पर ट्वीट किया कि
“पिछले शनिवार को, यूनाइटेड किंगडम ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के तहत WHO को एक डच-ध्वज वाले क्रूज जहाज, MV होंडियस पर गंभीर श्वसन बीमारी वाले यात्रियों के बारे में बताया गया था। यह जहाज अर्जेंटीना से काबो वर्डे गया था। अब तक आठ मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन मौतें भी शामिल हैं। इन आठ मामलों में से पाँच में हंता वायरस की पुष्टि हुई है, और बाकी तीन संदिग्ध हैं…
WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस बताया कि ने उन 12 देशों को भी सूचित किया है जिनके नागरिक सेंट हेलेना में उतरे थे। जिनमें शामिल हो 12 देश कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सेंट किट्स एंड नेविस, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका है।
Would Health Organisation (WHO) tweets, “Last Saturday, the United Kingdom notified the WHO under the International Health Regulations of a cluster of passengers with severe respiratory illness on a Dutch-flagged cruise ship, the MV Hondius, which had travelled from Argentina to… pic.twitter.com/IHJoWUACSj
— ANI (@ANI) May 7, 2026
हंता वायरस एक खतरनाक बीमारी है, जो मुख्य रूप से चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क से फैलती है। यह शरीर में पहुंचकर फेफड़ों या किडनी को नुकसान पहुंचाता है। इसके शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान। लेकिन कुछ मामलों सांस लेने में दिक्कत और जान का खतरा बढ़ जाता है।
हंता वायरल से बचने के लिए अभी तक कोई टीका या लक्षित उपचार उपलब्ध नहीं है। गंभीर मामलों में ऑक्सीजन सहायता या वेंटिलेटर की जरुरत पड़ती है ।
हंता वायरस चूहों के मूत्र, लार, मल या उनके सीधे संपर्क में आने से फैलता है। हवा में उड़ने वाले कणों से फेफड़ों में पहुंच सकता है और काटने या खरोंच से भी इंसान संक्रमित हो सकता है।