म्यूकोरमाइकोसिस दवा वितरण को लेकर गुजरात सरकार की अधिसूचना ‘अस्पष्ट एवं दोषपूर्ण’ है : उच्च न्यायालय

म्यूकोरमाइकोसिस दवा वितरण को लेकर गुजरात सरकार की अधिसूचना ‘अस्पष्ट एवं दोषपूर्ण’ है : उच्च न्यायालय

म्यूकोरमाइकोसिस दवा वितरण को लेकर गुजरात सरकार की अधिसूचना ‘अस्पष्ट एवं दोषपूर्ण’ है : उच्च न्यायालय
Modified Date: November 29, 2022 / 07:47 pm IST
Published Date: May 26, 2021 11:52 am IST

अहमदाबाद, 26 मई (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि म्यूकोरमाइकोसिस के इलाज के लिए अस्पतालों को एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के वितरण को लेकर राज्य सरकार की अधिसूचना ‘‘काफी अस्पष्ट और दोषपूर्ण’’ है।

अदालत ने कहा कि दवा की जरूरत पर निर्णय करने के लिए हर जिले की अपनी विशेषज्ञ समितियां होनी चाहिए।

ब्लैक फंगस के नाम से मशहूर म्यूकोरमाइकोसिस एक गंभीर संक्रमण है जो विभिन्न राज्यों में कोविड-19 के रोगियों में पाए गए हैं।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी. वी. सदानंद गौड़ा द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में फंगल संक्रमण के सबसे अधिक रोगी गुजरात में हैं।

न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी और न्यायमूर्ति भार्गव डी. कारिया ने कहा कि जिन सरकारी, निगम और निजी अस्पतालों में म्यूकोरमाइकोसिस के रोगियों का इलाज चल रहा है, वहां एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन का सटीक वितरण होना चाहिए।

अदालत ने कहा, ‘‘हमारे मुताबिक (अधिसूचना) अस्पष्ट और दोषपूर्ण है।’’

अदालत ने कहा कि दवाओं की जरूरत पर निर्णय करने के लिए सभी जिलों के पास अपनी विशेषज्ञ समितियां होनी चाहिए।

भाषा नीरज नीरज नरेश

नरेश


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