Alka Lamba Vs Hajina Syed: ‘जाओ अपने बॉयफ्रेंड केसी वेणुगोपाल को अपना ईगो दिखाओ’.. अलका लांबा को हजीना सैयद का करारा जवाब, इस बात को लेकर दोनों में ठनी

Hajina Syed replied to Alka Lamba

Alka Lamba Vs Hajina Syed: ‘जाओ अपने बॉयफ्रेंड केसी वेणुगोपाल को अपना ईगो दिखाओ’.. अलका लांबा को हजीना सैयद का करारा जवाब, इस बात को लेकर दोनों में ठनी
Modified Date: April 11, 2026 / 05:52 pm IST
Published Date: April 11, 2026 5:27 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अलका लांबा ने हजीना सैयद को पद से हटाने का आदेश दिया
  • हजीना ने दावा किया—“मैं पहले ही इस्तीफा दे चुकी हूं”
  • दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी से कांग्रेस में अंदरूनी विवाद उजागर

नई दिल्लीः Alka Lamba Vs Hajina Syed: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के मतदान होने के अगले ही दिन प्रदेश की महिला कांग्रेस अध्यक्ष हजीना सैयद को उनके पद से हटा दिया गया है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए हजीना सैयद को अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश दिया है। वहीं अब हजीना ने अलका लांबा को जवाब देते हुए करारा पलटवार किया है। हजीना सैयद ने कहा कि क्या तुम्हें कोई कॉमन सेंस है? मैंने तो एक ऑफिशियल प्रेस मीट में पहले ही इस्तीफा दे दिया है। जाओ अपने बॉयफ्रेंड केसी वेणुगोपाल को अपना ईगो दिखाओ।

Alka Lamba Vs Hajina Syed: हजीना ने अपने मेल में लिखा है कि नमस्ते सुश्री अलका लांबा, क्या आपमें ज़रा भी अक्ल है? मैंने तो कल ही इस्तीफ़ा दे दिया था। 10 अप्रैल 2026 को दोपहर 1:00 बजे हुई आधिकारिक प्रेस मीट में मैंने इस बात की घोषणा भी कर दी थी। जाइए, अपना अहंकार अपने बॉयफ्रेंड के. सी. वेणुगोपाल को दिखाइए, मुझे नहीं। हजीना ने आगे लिखा है कि ध्यान रहे, आपको मुझे अपमानित करने का कोई अधिकार नहीं है। आप हमारी सदस्यता फ़ीस के पैसों पर ऐश कर रही हैं। क्या इस पार्टी में इतनी हिम्मत है कि वह AIMC के खातों का ऑडिट करवा सके? हजीना सैयद ने यह भी लिखा कि आप आम आदमी पार्टी से कूदकर यहां कांग्रेस को बर्बाद करने आई हैं। इसलिए, अपनी हद में रहिए और चुपचाप बैठी रहिए। वरना मैं आपको ठीक कर दूंगी। हजीना ने सोशल मीडिया एक्स पर अलका लांबा को टैग करके अपना जवाब भी लिखा है।

जानिए कब हुई थी उनकी नियुक्ति

बता दें कि हजीना सैयद को 21 अप्रैल, 2024 को इस पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने सुधा रामकृष्णन का स्थान लिया, जिन्होंने मयिलादुथुराई निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में आम चुनाव लड़ने के लिए पद छोड़ दिया था। उस समय हजीना को एक सशक्त संगठनात्मक नेता के रूप में जाना जाता था, क्योंकि वे पहले अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव रह चुकी थीं। इन वर्षों में, उन्होंने कांग्रेस के एक प्रमुख चेहरे के रूप में अपनी पहचान बनाई और टेलीविजन बहसों और सार्वजनिक मंचों पर अक्सर पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। पार्टी के विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने और राजनीतिक चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी ने उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता दोनों के बीच पहचान दिलाई।

इन्हे भी पढ़ें:-


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।