Bilspur Brilliant School News: बिलासपुर के ब्रिलियंट स्कूल के खिलाफ होगा ‘रिवीलेंट एक्शन!’.. जांच पूरी.. अब समिति ने की मान्यता ख़त्म करने की सिफारिश

Bilaspur Brilliant School CBSE Fraud: बिलासपुर ब्रिलियंट स्कूल फर्जीवाड़ा मामला, सीबीएसई नाम पर धोखाधड़ी, मान्यता रद्द करने की सिफारिश, जांच रिपोर्ट सौंपी

Bilspur Brilliant School News: बिलासपुर के ब्रिलियंट स्कूल के खिलाफ होगा ‘रिवीलेंट एक्शन!’.. जांच पूरी.. अब समिति ने की मान्यता ख़त्म करने की सिफारिश

Bilaspur Brilliant School CBSE Fraud || Image- IBC24 News File

Modified Date: April 11, 2026 / 02:54 pm IST
Published Date: April 11, 2026 2:54 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बिलासपुर में ब्रिलियंट स्कूल पर फर्जी CBSE संचालन का मामला
  • जांच समिति ने दोनों स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश
  • अभिभावकों से वसूली गई भारी फीस, प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की

बिलासपुर: सीबीएसई कोर्स के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल के खिलाफ गठित जांच समिति ने जिले के शिक्षा अधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जानकारी के मुताबिक, जांच समिति ने ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा की है। इसमें संस्था के मिशन अस्पताल रोड और व्यापार विहार स्थित दोनों स्कूलों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। (Bilaspur Brilliant School CBSE Fraud) ऐसे में अब संभावना जताई जा रही है कि शिक्षा विभाग जनभावनाओं और समिति की अनुशंसा के आधार पर फैसला लेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी शिकायत के बाद इस मामले पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए थे।

क्या है ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल का मामला?

गौरतलब है कि बिलासपुर में दो ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल राज्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त थे, लेकिन उनका संचालन सीबीएसई स्कूल के रूप में किया जा रहा था। फर्जीवाड़े का यह खेल कई वर्षों से चल रहा था। जब छत्तीसगढ़ सरकार ने मौजूदा शैक्षणिक वर्ष में सभी निजी स्कूलों के लिए कक्षा 5 और 8 के छात्रों का राज्य बोर्ड परीक्षाओं में पंजीकरण अनिवार्य किया, तब जाकर इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।

दरअसल, स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से पहले से आयोजित सीबीएसई पैटर्न की आंतरिक परीक्षा और आगामी छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में से किसी एक को चुनने के लिए कहा, जिससे अभिभावक हैरान रह गए। उनके बच्चों ने पूरे साल सीबीएसई की किताबों से पढ़ाई की थी और उन्हें कभी यह नहीं बताया गया कि स्कूल कानूनी रूप से राज्य बोर्ड से संबद्ध है। इस दौरान स्कूल प्रबंधन द्वारा भारी फीस भी वसूली गई।

शिकायत के बाद प्रशासन हुआ अलर्ट

अभिभावकों ने इसकी शिकायत बिलासपुर कलेक्टर से की, जिसके बाद DEO ने एक आपातकालीन निरीक्षण टीम स्कूल भेजी। (Bilaspur Brilliant School CBSE Fraud) दस्तावेजों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि स्कूल अपनी मान्यता की शर्तों का उल्लंघन कर रहा था। इसके बाद DEO ने स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की।

आनन-फानन में ली छत्तीसगढ़ बोर्ड की मान्यता

बिलासपुर के नेहरू नगर स्थित नारायण टेक्नोक्रेट्स स्कूल ने भी बिना वैध मान्यता के पूरे शैक्षणिक वर्ष तक सीबीएसई के नाम पर संचालन किया। जब बोर्ड परीक्षा के निर्देशों के कारण फर्जीवाड़ा उजागर होने का खतरा बढ़ा, तो प्रबंधन ने अंतिम समय में जल्दबाजी में छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता ले ली। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सिर्फ लीपापोती के लिए उठाया गया था।

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