भारत में आधे नवजात शिशुओं को जन्म के पहले घंटे में स्तनपान कराया गया: एनएफएचएस 6

भारत में आधे नवजात शिशुओं को जन्म के पहले घंटे में स्तनपान कराया गया: एनएफएचएस 6

भारत में आधे नवजात शिशुओं को जन्म के पहले घंटे में स्तनपान कराया गया: एनएफएचएस 6
Modified Date: May 30, 2026 / 12:58 pm IST
Published Date: May 30, 2026 12:58 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) देश में तीन वर्ष से कम उम्र के उन बच्चों की संख्या में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिन्हें जन्म के पहले घंटे में स्तनपान कराया गया। यह जानकारी शुक्रवार को जारी किये गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (एनएफएचएस-6) से मिली है।

सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2019-21 (एनएफएचएस-5) में यह आंकड़ा 41.8 प्रतिशत था, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 50.1 प्रतिशत हो गया।

नये आंकड़े से पता चलता है कि सर्वेक्षण अवधि के दौरान छह महीने से कम उम्र के 95.6 प्रतिशत बच्चों को स्तनपान कराया गया था।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि एनएफएचएस-6 के आंकड़े बच्चों के पोषण परिणामों में उत्साहजनक प्रगति दिखाते हैं, जो सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने की दिशा में सकारात्मक संकेत है।

हालांकि, आंकड़ों के अनुसार शुरुआती छह महीनों के दौरान बच्चों को केवल स्तनपान कराने के मामले में कमी आई है। एनएफएचएस-6 के आंकड़े के अनुसार यह एनएफएचएस-5 के 63.7 प्रतिशत से घटकर 55.8 प्रतिशत रह गया है।

इसके अलावा, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में ‘उम्र के हिसाब से कम लंबाई’ की दिक्कत में उल्लेखनीय कमी आई है। यह 35.5 प्रतिशत से घटकर 29.3 प्रतिशत रह गई है, जो दीर्घकालिक पोषण परिणामों में सुधार दर्शाता है।

वहीं, बच्चों में गंभीर रूप से कम वजन (कद के हिसाब से अत्यधिक दुबलापन) की समस्या भी 7.7 प्रतिशत से घटकर 5.2 प्रतिशत हो गई है, जबकि पांच वर्ष से कम उम्र के कम वजन वाले बच्चों की संख्या में मामूली रूप से कमी आयी है और यह 32.1 प्रतिशत से कम होकर 31.8 प्रतिशत हो गई है।

हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, शिशुओं और छोटे बच्चों के आहार संबंधी व्यवहार में भी सुधार देखा गया है। छह से आठ महीने के उन बच्चों का प्रतिशत, जिन्हें स्तनपान के साथ ठोस या अर्ध-ठोस आहार दिया जा रहा है, 45.9 प्रतिशत से बढ़कर 59.5 प्रतिशत हो गया है।

इन उपलब्धियों का श्रेय ‘पोषण अभियान’, ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ और ‘पोषण 2.0’ जैसी प्रमुख पहलों के माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों के संयुक्त प्रयासों तथा ‘एकीकृत बाल विकास सेवाओं’ (आईसीडीएस) के तहत सुदृढ़ की गई सेवा वितरण प्रणाली को दिया गया है।

एनएफएचएस-6 (2023-24) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किया गया सर्वेक्षण है, जिसमें मुंबई स्थित अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आईआईपीएस) ने नोडल एजेंसी की भूमिका निभाई।

भाषा प्रचेता अमित

अमित


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