नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने दिल्ली के बवाना स्थित एक निजी स्कूल में नर्सरी में पढ़ने वाली तीन वर्षीय बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है तथा दिल्ली पुलिस से ‘‘तुरंत और सख्त कार्रवाई’’ करने को कहा है।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आयोग ने कहा कि उसकी अध्यक्ष विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की तेजी से जांच, हिरासत में पूछताछ और यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने आरोपी के जब्त मोबाइल फोन और वीडियो की जांच करने को भी कहा है ताकि संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान की जा सके। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा स्कूल स्तर पर सुरक्षा एवं सत्यापन में हुई चूक की गहन जांच करने के निर्देश भी दिए हैं।
आयोग ने कहा कि पीड़िता और उसके परिवार, साथ ही किसी भी अन्य प्रभावित बच्चे को सुरक्षा, विशेष मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, कानूनी सहायता और लागू प्रावधानों के अनुसार मुआवजा दिया जाना चाहिए।
एनसीडब्ल्यू ने सात दिनों के भीतर ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ मांगी है जिसमें जांच की प्रगति, फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष, आरोपपत्र दाखिल करने की समयसीमा और संस्थागत निगरानी के लिए उठाए गए कदमों का विवरण शामिल हो।
आयोग ने कहा, ‘‘शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।’’
आयोग ने यह भी कहा कि वह जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करने के लिए इस मामले पर बारीकी से नजर रखेगा।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि बाहरी-उत्तरी दिल्ली के बवाना इलाके में एक निजी स्कूल के बस चालक ने कथित तौर पर एक लड़की का यौन उत्पीड़न किया।
उन्होंने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, घटना का पता 19 अगस्त को तब चला जब बच्ची के परिवार वालों ने उसके जननांगों पर चोट के निशान देखे। पूछताछ करने पर नर्सरी में पढ़ने वाली बच्ची ने अपनी मां को स्कूल के एक ‘‘बुरे अंकल’’ के बारे में बताया जो उसे चॉकलेट देते थे।
पुलिस ने बताया कि 24 अगस्त को बच्ची को स्कूल की तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज दिखाए गए और उसने आरोपी की पहचान कर ली।
व्यक्ति के खिलाफ बवाना थाने में पॉक्सो अधिनियम की धाराओं आठ, 10 और 21 और बीएनएस की धारा 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया तथा उसे स्कूल से गिरफ्तार कर लिया गया।
भाषा सुरभि मनीषा
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