चंडीगढ़, 11 अगस्त (भाषा) “नशे में धुत” दो व्यक्तियों का वीडियो साझा करने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के निशाना पर आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह ने मंगलवार को एक और वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कुछ लोग बेसुध हालत में दिख रहे हैं। उन्होंने ‘आप’ सरकार को पंजाब में नशे की समस्या पर ध्यान देने की सलाह दी।
हरभजन ने सोमवार रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें कथित तौर पर नशे में धुत दो व्यक्तियों को सड़क पर अजीबोगरीब मुद्रा में खड़े देखा जा सकता है। हालांकि, ‘आप’ नेताओं और राज्य पुलिस ने दावा किया कि यह वीडियो राजस्थान का है और हरभजन भाजपा का झूठ फैला रहे हैं।
हरभजन इस साल अप्रैल में ‘आप’ छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने कहा कि वह यह मुद्दा किसी व्यक्ति पर निशाना साधने के लिए नहीं उठा रहे हैं, बल्कि उनका मकसद पंजाब को नशा-मुक्त बनाना है।
पूर्व क्रिकेटर ने मंगलवार को बेसुध हालत में पड़े व्यक्तियों का वीडियो साझा करते हुए ‘आप’ सरकार से सवाल किया, “क्या ये तस्वीरें भी राजस्थान की हैं? असल मुद्दा पंजाब में मादक पदार्थों की लत की बढ़ती समस्या है।”
उन्होंने लिखा, “आपके भाड़े के ट्रोल इस मुद्दे को दबा नहीं पाएंगे। इस पर काम करना ही होगा। जिम्मेदारियों से भागने से समस्या हल नहीं होगी।”
हरभजन ने कहा, “यह किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाने के बारे में नहीं है। पंजाब और पूरे देश में जो भी लोग मादक पदार्थों का सेवन करते हैं, उन्हें लत से मुक्त कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। सामने वाले को नीचा दिखाने के बजाय पंजाब सरकार को इस बात पर काम करना चाहिए कि पंजाब को नशा-मुक्त कैसे बनाया जाए।”
भाजपा सांसद ने दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि क्या पंजाब नशा-मुक्त हो गया है।
उन्होंने कहा, “अगर पंजाब नशा-मुक्त हो गया है, तो इस बारे में बात करें। अगर पंजाब को नशा-मुक्त बनाना है, तो किसी और व्यक्ति को निशाना बनाने के बजाय इस दिशा में किए जा रहे अपने काम पर ध्यान दें।”
हरभजन ने कहा, “अगर मैं पंजाब से जुड़े मुद्दों पर बात नहीं करता, तो मुझे लगता है कि यहां होने का कोई मतलब नहीं है। मुझे लगता है कि ये पंजाब से जुड़े गंभीर मुद्दे हैं और सरकार को इन पर काम करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि वह पंजाब और उसके युवाओं की भलाई से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे।
हरभजन की ओर से सोमवार रात पोस्ट किए गए वीडियो को बड़ी संख्या में सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने साझा किया। कई उपयोगकर्ताओं ने टिप्पणी की कि वीडियो में दिख रहे दोनों व्यक्ति ‘जॉम्बी ड्रग” के प्रभाव में नजर आ रहे हैं।
हरभजन ने वीडियो के साथ लिखा था, “पंजाब के हालात देखकर बहुत दुख होता है।”
उन्होंने कहा था, “पंजाब और उसके युवा बेहतर के हकदार हैं। इस मुद्दे पर ईमानदारी, जवाबदेही और तुरंत कार्रवाई की जरूरत है-न कि इसे नकारने की।”
हरभजन ने कहा, “सरकारों ने पंजाब और पंजाबी युवाओं के साथ क्या किया है? उन्होंने पंजाब को किस हाल में पहुंचा दिया है? जो पंजाब कभी अपने जोश, हिम्मत और बहादुरी के लिए जाना जाता था, आज उसी पंजाब के युवा नशे की चपेट में आ गए हैं। अभी भी समय है-मेरे पंजाब को बचाओ।”
हालांकि, ‘आप’ नेताओं और पंजाब पुलिस ने कहा कि संबंधित वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर का है और इसका पंजाब से कोई संबंध नहीं है।
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा नेताओं पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस सबमें प्रधानमंत्री कार्यालय भी शामिल है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया, “कल भाजपा के कई लोगों ने मिलकर यह झूठ फैलाया। क्या यह आदेश पीएमओ से आया था? क्या पीएमओ देश में झूठ फैलाता है?”
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हरभजन पर “भाजपा के झूठ को फैलाने” का आरोप लगाया और उनसे माफी मांगने को कहा।
चीमा ने कहा कि जब हरभजन ‘आप’ में थे, तब उन्होंने संसद में पंजाब के युवाओं से जुड़ा कोई मुद्दा नहीं उठाया और हमेशा “चुप” रहे।
उन्होंने चंडीगढ़ में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “आज हरभजन पंजाब के युवाओं को बदनाम करने के लिए भाजपा के फर्जी वीडियो प्रसारित कर रहे हैं।”
यह पूछे जाने पर कि क्या हरभजन के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी, चीमा ने कहा कि एक कानूनी टीम मामले का अध्ययन कर रही है और भाजपा सांसद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
चीमा ने कहा कि ‘आप’ ने हरभजन को पंजाब के हितों का प्रतिनिधित्व करने और राज्य के युवाओं के लिए काम करने के वास्ते राज्यसभा भेजा था, लेकिन अब वह भाजपा के दुष्प्रचार को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हरभजन को पंजाब की छवि खराब करने वाली भ्रामक सामग्री साझा करने के बजाय अपने मंच का इस्तेमाल राज्य के युवाओं को खेल अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा उनके भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए करना चाहिए था।”
चीमा ने हरभजन की ओर से साझा किए गए पहले वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस ने पाया है कि यह वीडियो राजस्थान के श्री गंगानगर का है, जो एक भाजपा शासित राज्य है।
उन्होंने आरोप लगाया, “तथ्यों की जांच करने के बजाय भाजपा की आईटी मशीनरी दूसरे राज्यों के वीडियो उठा रही है और उन्हें पंजाब की घटनाओं के तौर पर पेश कर रही है, ताकि हमारे राज्य और यहां के युवाओं को बदनाम किया जा सके।”
चीमा ने पंजाब में मादक पदार्थों की लत की समस्या को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 तक शिरोमणि अकाली दल और भाजपा की सरकार के दौरान नशे की समस्या और बढ़ गई थी।
चीमा ने दावा किया कि उस दौर में पंजाब के साथ “चिट्टा” और “स्मैक” जैसे शब्दों का इस्तेमाल बढ़ गया था और नशे की लत ने अनगिनत युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर दी थी।
पंजाब की कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर ने भी हरभजन की आलोचना करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने की उनकी (हरभजन) बेताबी देखिए। वह राजस्थान का वीडियो साझा कर रहे हैं और झूठ बोल रहे हैं कि यह पंजाब का है।”
कौर ने लिखा, “आप ‘भाजपा की दलाली’ के लिए कुछ भी करेंगे, भले ही इससे पंजाब की छवि खराब हो जाए। पंजाब के लोग आपको इसके लिए कभी माफ नहीं करेंगे।”
पंजाब पुलिस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में हरभजन को टैग करते हुए लिखा कि संबंधित वीडियो राजस्थान का है।
पुलिस ने कहा, “जो वीडियो साझा किया जा रहा है, वह राजस्थान के श्रीगंगानगर का है, पंजाब का नहीं। हम उपयोगकर्ताओं से अपील करते हैं कि वे गुमराह करने वाली जानकारी पोस्ट करने या पंजाब पुलिस को टैग करने से पहले तथ्यों और जगह की पुष्टि कर लें। जिम्मेदारी से साझा करना जरूरी है।”
भाषा पारुल अमित
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