हरिदास की निलंबित कार्यकर्ता को निजी स्टाफ में शामिल करने की कोशिश सही नहीं: केपीसीसी प्रमुख
हरिदास की निलंबित कार्यकर्ता को निजी स्टाफ में शामिल करने की कोशिश सही नहीं: केपीसीसी प्रमुख
तिरुवनंतपुरम, आठ सितंबर (भाषा) केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने मंगलवार को कहा कि अगर कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास ने पार्टी से निलंबित एक कार्यकर्ता को अपने निजी स्टाफ में नियुक्त करने के लिए पत्र दिया है, तो यह ‘‘सही नहीं’’ है।
केपीसीसी अध्यक्ष की यह टिप्पणी पत्रकारों द्वारा उनका ध्यान इस ओर दिलाए जाने के बाद आयी कि राम्या हरिदास ने पलायम प्रदीप को अपना निजी स्टाफ सदस्य नियुक्त करने के लिए पत्र दिया है। प्रदीप को हाल ही में चिरायिनकीझु में हरिदास और पार्टी के कुछ सदस्यों के बीच हुए विवाद के बाद कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया था।
बताया जा रहा है कि हरिदास ने राज्य विधानसभा को पत्र देकर प्रदीप को इस साल मई से पूर्व प्रभाव से अपना निजी स्टाफ नियुक्त करने का अनुरोध किया था।
राज्य के बिजली मंत्री जोसेफ ने कहा कि यह देखना होगा कि हरिदास ने पत्र कब दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन्होंने अब पत्र दिया है, तो यह सही नहीं है। यह उचित नहीं है।’’
केपीसीसी ने रविवार को इस विवाद के सिलसिले में प्रदीप और एस. सज्जाद को ‘‘गंभीर संगठनात्मक अनुशासनहीनता’’ के आरोप में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। पार्टी ने कहा था कि उनके कृत्य से सार्वजनिक तौर पर पार्टी की छवि खराब हुई।
हरिदास ने सोमवार को कहा था कि इस तरह के मुद्दे ‘‘किसी भी परिवार या पार्टी संगठन में हो सकते हैं’’ और बातचीत के जरिए इनका समाधान किया जा सकता है।
हरिदास के कथित तौर पर घायल होने की इस घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
हरिदास ने आरोप लगाया कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उन पर हमला किया और उन्हें धमकी दी। वहीं, जिला पंचायत सदस्य सजित मुथंबलम और सज्जाद ने दावा किया कि एक व्हाट्सऐप पोस्ट को लेकर विधायक हरिदास और प्रदीप उनसे उलझ गए थे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हो गई।
केरलम में कांग्रेस के प्रमुख दलित चेहरों में शामिल हरिदास ने पिछले शुक्रवार रात हुई घटना के बाद चिरायिनकीझु तालुक अस्पताल में इलाज कराया था।
भाषा गोला वैभव
वैभव

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