हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने इस्तीफा दिया
हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने इस्तीफा दिया
चंडीगढ़, नौ जून (भाषा) कुरुक्षेत्र में नर्सों के खिलाफ टिप्पणी के लिए माफी की मांग किए जाने के बीच, हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने मंगलवार को पद से इस्तीफा दे दिया।
हरियाणा की सरकारी नर्सें फटकार लगाने के लिए भाटिया के माफी मांगने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।
भाटिया ने सिविल अस्पताल के 62 वर्षीय चिकित्सक को 15 वर्षीय लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद कुरुक्षेत्र का दौरा किया था।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने कथित लापरवाही के लिए अस्पताल की नर्सों और अधिकारियों को फटकार लगाई थी।
मंगलवार को भाटिया ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अपना त्यागपत्र सौंप दिया।
अपने पत्र में, चार साल से अधिक समय तक आयोग की प्रमुख रहीं भाटिया ने कहा कि वह महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ती रहेंगी।
उन्होंने हिंदी में लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘मैं इस पद से इस्तीफा दे रही हूं। इसलिए, कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें।’’
संपर्क करने पर भाटिया ने कहा कि उन्होंने पारिवारिक कारणों से इस्तीफा दिया है और उनके इस कदम को नर्सों की मांग से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं 20 दिनों के लिए जापान जा रही हूं और फिर अमेरिका में अपनी बेटी से मिलने जाऊंगी। मैं तीन महीने के लिए बाहर रहूंगी। चूंकि आम तौर पर 10-15 दिनों की छुट्टी मिलती है और मैं इससे अधिक समय के लिए बाहर रहूंगी, इसलिए मैंने कहा, ‘मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लीजिए’।’’
भाटिया ने जोर देकर कहा कि वह अपनी टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा।’’
सोमवार को कुरुक्षेत्र के लोक नायक जय प्रकाश सिविल अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने भाटिया के विरोध में दो घंटे की हड़ताल की।
एक प्रदर्शनकारी नर्स ने कहा, ‘‘जो कुछ भी हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन भाटिया ने लापरवाही के लिए नर्सिंग स्टाफ को दोषी ठहराया और कुछ नर्सिंग स्टाफ पर इस मामले में मिलीभगत का आरोप लगाया।’’
कुरुक्षेत्र पुलिस के अनुसार, 31 मई को एक स्थानीय व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि 29 मई को वह और उसकी बेटी एलएनजेपी अस्पताल गए थे, जहां उनकी बेटी का यौन उत्पीड़न किया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी डॉक्टर ने पिता और बेटी दोनों को अलग-अलग वार्डों में भर्ती करा दिया था। जब पिता 31 मई को अपनी बेटी के वार्ड में पहुंचा तो उसने उन्हें बताया कि डॉक्टर ने 29 मई को उसका यौन उत्पीड़न किया था।
भाषा संतोष सिम्मी
सिम्मी

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