हरियाणा के डीजीपी ने अपराध नियंत्रण को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की बैठक
हरियाणा के डीजीपी ने अपराध नियंत्रण को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की बैठक
चंडीगढ़, आठ सितंबर (भाषा) हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें राज्य में अपराध की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई इस बैठक में राज्यभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी), पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी), पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘करीब तीन घंटे चली बैठक में राज्य में अपराध की स्थिति की थानावार और विभिन्न अपराध श्रेणियों के तहत विस्तृत समीक्षा की गई।’’
बैठक के दौरान डीजीपी सिंघल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, जिम्मेदारी से बचने या खराब प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीजीपी ने कहा कि थाना प्रभारी (एसएचओ) और पर्यवेक्षण अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अपराध की घटनाओं पर प्रभावी रूप से नियंत्रण नहीं रख पाने वाले गैर-प्रदर्शनकारी एसएचओ को निलंबित करने का निर्देश देते हुए डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अपेक्षित जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सिंघल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में हर थाने के स्तर पर अपराध की सूक्ष्म निगरानी और गहन विश्लेषण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह आकलन किया जाए कि किसी थाने में किस प्रकार के अपराध बढ़े हैं, इसके पीछे वास्तविक कारण क्या हैं और ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए अब तक क्या प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि केवल अपराध के आंकड़े एकत्र करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कारण-आधारित कार्रवाई करने और प्रभावी अपराध नियंत्रण रणनीति तैयार करने के लिए इन आंकड़ों का विश्लेषण किया जाना चाहिए।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी थाना क्षेत्र में अपराध बढ़ता है तो संबंधित एसएचओ के साथ-साथ पर्यवेक्षण अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के प्रत्येक एसएचओ के साथ नियमित बैठकें करें, थानावार अपराध की समीक्षा करें और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ठोस एवं प्रभावी रणनीति तैयार करके अपराध पर नियंत्रण सुनिश्चित करें।
सिंघल ने कहा कि प्रत्येक पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को अपने अधिकार क्षेत्र के प्रत्येक थाने के कामकाज की गहन समीक्षा करनी होगी।
डीजीपी सिंघल ने निर्देश दिया कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के किसी भी प्रयास का तत्काल संज्ञान लिया जाए और प्रभावी कार्रवाई शुरू की जाए।
भाषा अमित नरेश
नरेश

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