हरियाणा सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को निलंबित किया

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हरियाणा सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को निलंबित किया

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  • Publish Date - April 9, 2026 / 07:41 PM IST,
    Updated On - April 9, 2026 / 07:41 PM IST

चंडीगढ़, नौ अप्रैल (भाषा) हरियाणा सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

बुधवार को जारी दो अलग-अलग आदेशों में राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार को निलंबित किया गया।

हालांकि निलंबन का कारण आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई 590 करोड़ रुपये के ‘आईडीएफसी फर्स्ट बैंक’ धोखाधड़ी मामले की जांच से जुड़ी है।

निलंबन की अवधि के दौरान, राज्य सिविल सेवा से पदोन्नत और क्रमशः 2012 और 2011 बैच के दोनों अधिकारियों का मुख्यालय चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव (सेवा-एक शाखा) के कार्यालय में होगा।

वे अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के नियम चार के अनुसार निर्वाह भत्ता पाने के पात्र होंगे।

सिंह ने जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच पंचकुला नगर निगम के आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला, जबकि कुमार 31 अगस्त 2022 से 10 दिसंबर 2025 तक हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव रहे।

निलंबन से पहले, सिंह राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव और पंचकुला महानगर विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पदभार संभाल रहे थे, जबकि कुमार निलंबन से पहले राज्य परिवहन के निदेशक और परिवहन विभाग के विशेष सचिव के पद पर थे।

हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) ‘आईडीएफसी फर्स्ट बैंक’ धोखाधड़ी मामले की जांच कर रहा है। इसने अब तक बैंक कर्मचारियों, निजी व्यक्तियों और सरकारी अधिकारियों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया है।

हालांकि, हरियाणा सरकार ने हाल ही में जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया था।

‘एसवी एंड एसीबी’ ने हाल ही में कहा कि जांच के दौरान यह सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ ने सरकारी धन को अवैध रूप से कई बैंक खातों में हस्तांतरित करने के लिए कई फर्जी कंपनियों का गठन किया था।

जांच से पता चला था कि विभिन्न सरकारी विभागों के खातों से अवैध रूप से धन निकालकर इन फर्जी कंपनियों के नाम पर संचालित खातों में स्थानांतरित किया गया था।

‘आईडीएफसी फर्स्ट बैंक’ ने हाल में चंडीगढ़ की एक विशेष शाखा में कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा हरियाणा राज्य सरकार के कुछ खातों में किए गए 590 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का खुलासा किया था।

हरियाणा सरकार ने फरवरी में ‘आईडीएफसी फर्स्ट बैंक’ को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक सरकारी कामकाज से हटा दिया था।

भाषा

राखी वैभव

वैभव

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