हरियाणा पुलिस विदेशों से 27 गैंगस्टर को भारत लाई: डीजीपी अजय सिंघल
हरियाणा पुलिस विदेशों से 27 गैंगस्टर को भारत लाई: डीजीपी अजय सिंघल
चंडीगढ़, 12 सितंबर (भाषा) हरियाणा पुलिस अब तक 27 गैंगस्टर को निर्वासन या प्रत्यर्पण के जरिये विदेश से भारत ला चुकी है और इनमें से अधिकतर को 2025 के बाद लाया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने बताया कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है और विदेश में छिपे वांछित अपराधियों एवं उनके नेटवर्क पर शिकंजा कसा जा रहा है।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘हरियाणा एसटीएफ अब तक 27 गैंगस्टर को निर्वासन या प्रत्यर्पण के जरिये विदेश से सफलतापूर्वक भारत ला चुका है। इनमें सात अपराधियों को 2025 में और 2026 में अब तक 14 को भारत लाया गया है।’’
सिंघल ने बताया कि चार अगस्त को एक सक्रिय और वांछित अपराधी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से निर्वासित किए जाने के बाद भारत लाया गया।
पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सतीश बालन ने कहा कि एसटीएफ विदेश में छिपे वांछित अपराधियों के ठिकाने, उनकी यात्रा संबंधी जानकारी और गतिविधियों का पता लगाने के लिए मानवीय खुफिया सूचना एवं तकनीकी खुफिया जानकारी का इस्तेमाल कर रहा है।
उन्होंने बताया कि फर्जी पासपोर्ट, फर्जी पहचान और बायोमेट्रिक एवं उंगलियों के निशान से जुड़े रिकॉर्ड का विश्लेषण कर अपराधियों की पहचान तथा उनके ठिकाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है।
बालन ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने विदेश में 12 गैंगस्टर को हिरासत में लिए जाने में मदद की है और उनके प्रत्यर्पण या निर्वासन की प्रक्रिया जारी है।
आईजीपी ने बताया कि अगस्त 2023 से अब तक 144 लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी), 54 रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) और 53 इंटरपोल संदर्भ जारी किए गए हैं। इसके अलावा 93 पासपोर्ट रद्द किए गए हैं, नौ अनंतिम गिरफ्तारी अनुरोध और 16 प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि विदेश में छिपे चार वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने पर 10,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम देने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
अधिकारी के अनुसार, अवैध धन के प्रवाह पर रोक लगाने के लिए एसटीएफ आपराधिक नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन, बैंक लेनदेन और क्रिप्टोकरंसी/यूएसडीटी माध्यमों का भी पता लगा रहा है।
हरियाणा पुलिस ने इन अपराधियों को पकड़ने के लिए पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की पुलिस के साथ मजबूत अंतरराज्यीय समन्वय व्यवस्था भी स्थापित की है।
भाषा
सिम्मी नेत्रपाल
नेत्रपाल

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