भारत का सर्वाधिक वांछित आतंकवादी हाफिज सईद पाकिस्तान में: एनआईए ने अदालत से कहा

भारत का सर्वाधिक वांछित आतंकवादी हाफिज सईद पाकिस्तान में: एनआईए ने अदालत से कहा

भारत का सर्वाधिक वांछित आतंकवादी हाफिज सईद पाकिस्तान में: एनआईए ने अदालत से कहा
Modified Date: September 12, 2026 / 11:19 am IST
Published Date: September 12, 2026 11:19 am IST

जम्मू, 12 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने जम्मू की एक विशेष अदालत को बताया है कि लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का संस्थापक और भारत का सर्वाधिक वांछित आतंकवादी हाफिज सईद पाकिस्तान में है।

इसके बाद अदालत ने जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी समूहों को हथियार एवं धन मुहैया कराने और उन्हें निर्देश देने से जुड़े एक मामले में सईद के खिलाफ दो महीने में दूसरा गैर-जमानती वारंट जारी किया।

अदालत ने एनआईए की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान यह वारंट जारी किया जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 75 के तहत घोषित आतंकवादी एवं लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने का अनुरोध किया गया था।

याचिका में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा निवासी सईद को ‘‘फरार आरोपी’’ बताया गया है। यह मामला इस साल की शुरुआत में श्रीनगर के बाहरी इलाके में जांच के दौरान मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी से जुड़ा है।

बाटपोरा निवासी भट के पास से चीन निर्मित एक हथगोला और 15 कारतूस बरामद किए गए थे।

भट के खिलाफ जकूरा थाने में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), आयुध अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इसके बाद की गई जांच में एक आतंकवादी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ और लश्कर-ए-तैयबा एवं उसके सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) से जुड़े कई अन्य आतंकवादियों तथा दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।

एनआईए ने कहा कि जांच के दौरान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के ‘‘अमीर/प्रमुख/संस्थापक’’ सईद की संलिप्तता सामने आई और गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी आतंकवादियों के भी कथित तौर पर उससे जुड़े होने का पता चला।

एजेंसी ने अदालत से कहा, ‘‘सईद पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां चला रहा है और कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकवादियों को हथियार एवं धन मुहैया करा रहा है तथा उन्हें निर्देश दे रहा है। जानकारी मिली है कि वह फिलहाल पाकिस्तान में है।’’

विशेष न्यायाधीश प्रेम सागर ने एजेंसी की दलीलें सुनने के बाद आठ सितंबर को कहा कि जांच के दौरान सईद की संलिप्तता सामने आई है और वह ‘‘कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल’’ है।

अदालत ने कहा कि सईद फरार है और जांच एजेंसी सामान्य प्रक्रिया के तहत उसकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं कर सकी है। इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया।

जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सईद के खिलाफ दो महीने में दूसरी बार गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

अदालत ने पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के सिलसिले में सईद के खिलाफ इस साल आठ जुलाई को पहला गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इस आतंकवादी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई थी।

भाषा सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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