चंडीगढ़ः Haryana Roadways Employees Strike हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। नाथूसरी चौपटा बस स्टैंड पर हरियाणा की सभी रोडवेज यूनियनों के साझा मोर्चे की बैठक हुई। इसमें 13 यूनियनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से 5 और 6 सितंबर को रोडवेज बसों का दो दिवसीय चक्का जाम करने का निर्णय लिया गया।
Haryana Roadways Employees Strike साझा मोर्चे के प्रवक्ता ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में 26 अगस्त को प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो पर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद रोडवेज महाप्रबंधकों को कर्मचारियों की मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपे जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार व परिवहन विभाग की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनका समाधान नहीं हुआ है। इसी के चलते यूनियनों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
रोडवेज कर्मचारियों ने परिचालकों का पे ग्रेड बढ़ाने और लिपिकों की तर्ज पर तीन वेतन वृद्धि देने की मांग की है। चालकों और परिचालकों के रिक्त पदों पर नई भर्ती करने तथा निर्धारित समय सीमा में पदोन्नति देने की नीति बनाने की भी मांग रखी गई है। इसके अलावा चालकों को हैवी पे ग्रेड देने और स्टैंड इंचार्ज का अलग पद सृजित कर चालकों को पदोन्नति देने की मांग की गई है। यूनियनों ने वर्ष 2016 की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर चुके चालकों को नियुक्ति तिथि से नियमित करने, चालक, परिचालक, उप निरीक्षक, निरीक्षक और कर्मशाला कर्मचारियों को पूर्व की तरह दो अर्जित अवकाश देने की मांग भी उठाई है।
कर्मशाला में वर्ष 2018 में भर्ती हुए कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने, सभी कर्मचारियों को पूर्व की तरह कैडर होल्ड देने तथा एचआरकेएन के तहत कार्यरत परिचालकों और हेल्परों को नियमित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही पार्ट-2 के तहत दादरी डिपो में कार्यरत 52 हेल्परों को भी पक्का करने की मांग शामिल है। रोडवेज यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि मांगों का समाधान नहीं होने पर 5 और 6 सितंबर को दो दिवसीय चक्का जाम किया जाएगा।