चंडीगढ़, 21 जून (भाषा) हरियाणा के झज्जर और चरखी दादरी के पीसीपीएनडीटी अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने बिहार के गया में लिंग जांच में शामिल एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करके दो एजेंटों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
हरियाणा की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि बिहार के गया में एक अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापेमारी के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इनमें हरियाणा के दो एजेंट, एक ‘अवैध’ अल्ट्रासाउंड केंद्र चलाने वाला व्यक्ति और खुद को सोनोलॉजिस्ट बताने वाला एक व्यक्ति शामिल है।
उन्होंने कहा कि चारों आरोपियों के खिलाफ ‘प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स’ (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। मिश्रा के अनुसार, झज्जर और चरखी दादरी जिले के प्राधिकरणों को (पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत) पिछले सप्ताह जानकारी मिली थी कि झज्जर जिले के रहने वाले सुरेंद्र और राकेश यादव, झज्जर, दादरी और आसपास के इलाकों की गर्भवती महिलाओं को भ्रूण के लिंग की अवैध जांच के लिए बिहार ले जा रहे थे।
इस जानकारी के आधार पर, झज्जर जिला प्राधिकरण ने एक विशेष टीम बनाई जिसमें डॉ. संदीप कुमार, डॉ. बसंत कुमार दुबे और विनोद कुमार, तथा चरखी दादरी से डॉ. उदयभान और डॉ. संदीप शामिल किये गए।
एक छद्म ऑपरेशन के तहत एक गर्भवती महिला को नकली ग्राहक के तौर पर भेजा गया, जिसके साथ उसका नकली पति बनकर एक आदमी भी गया था।
आरोपी कथित तौर पर 50,000 रुपये में गैर-कानूनी लिंग जांच करने के लिए तैयार हो गए और उन्होंने 19 जून की रात को नकली महिला ग्राहक को छुछकवास बुलाया। इसके बाद महिला को बिहार के गया ज़िले के टिकरी शहर ले जाया गया, जबकि पीएनडीटी की संयुक्त टीम सुरक्षित दूरी से उस गाड़ी का पीछा कर रही थी।
मिश्रा ने बताया कि टिकरी पहुंचने पर आरोपी महिला को एक अल्ट्रासाउंड केंद्र ले गए, जो कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से चलाया जा रहा था।
आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने बताया कि केंद्र चलाने वाले रामाश्रय प्रसाद और गुलशन कुमार (जिसने खुद को कथित तौर पर सोनोलॉजिस्ट के रूप में पेश किया) ने अल्ट्रासाउंड किया और बताया कि ‘गर्भ में पल रहा भ्रूण लड़का है’।
नकली ग्राहक के रूप में पहुंचे साथियों की पुष्टि के बाद गया के जिलाधिकारी द्वारा अधिकृत अधिकारियों की मदद से संयुक्त पीएनडीटी टीम ने केंद्र पर छापा मारा।
छापे के दौरान टीमों ने चार लोगों (प्रसाद, कुमार, सुरेंद्र और यादव) को पकड़ा और उस जगह से एक गैर-कानूनी अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद की।
भाषा संतोष नरेश
नरेश