नफरती भाषण : न्यायालय ने अमल को लेकर राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों से जानकारी जुटाने के लिए कहा

नफरती भाषण : न्यायालय ने अमल को लेकर राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों से जानकारी जुटाने के लिए कहा

नफरती भाषण : न्यायालय ने अमल को लेकर राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों से जानकारी जुटाने के लिए कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:48 pm IST
Published Date: July 21, 2022 8:34 pm IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय गृह सचिव को बृहस्पतिवार को कहा कि वह भीड़ हिंसा और नफरती भाषण जैसी अप्रिय स्थितियों को रोकने के लिए निवारक, सुधारात्मक और उपचारात्मक उपायों के संबंध में उसके (शीर्ष अदालत के) पूर्व के दिशानिर्देशों के अनुपालन को लेकर राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से सूचना एकत्रित करें।

नफरती भाषण और अफवाह फैलाने से संबंधित याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि सचिव तीन सप्ताह के भीतर संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गृह सचिवों से सीधे आवश्यक जानकारी जुटा सकते हैं और इसे राज्यवार संकलित कर सकते हैं।

न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर, न्यायमूर्ति ए एस ओका और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने 2018 में शीर्ष अदालत द्वारा दिए गए निर्णयों का उल्लेख किया और सूचनाएं एकत्रित करने के बाद उनके मिलान से पता चलेगा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इन दिशानिर्देशों का अनुपालन कैसे किया है।

पीठ ने कहा, ‘गृह विभाग के सचिव तीन सप्ताह के भीतर संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के गृह सचिव से सीधे आवश्यक जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं और उसे संकलित कर सकते हैं।’’ पीठ ने आगे कहा कि उसके समक्ष छह सप्ताह के भीतर राज्यवार जानकारी रखी जाए।

पीठ ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गृह सचिवों को केंद्रीय गृह सचिव से पत्र प्राप्त होने के दो सप्ताह के भीतर उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह (केंद्रीय गृह सचिव) आवश्यक जानकारी संकलित करने और अदालत के समक्ष उसे पेश करने की स्थिति में हैं।

शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई छह सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।

भाषा

सुरेश संतोष

संतोष


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