नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें पिछले साल जून में अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान दुर्घटना से संबंधित ‘संपूर्ण घटनाक्रम’ की जानकारी को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में शामिल करने का अनुरोध किया गया था।
दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-दिल्ली) के मैकेनिकल इंजीनियर याचिकाकर्ता ने अदालत से ‘विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो’ की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को संशोधित करने और अधिकारियों को यह निर्देश देने का आग्रह किया था कि वे रिपोर्ट में इंजनों के ‘फ्लेम आउट’ होने और ईंधन स्विच (यांत्रिक या मैनुअल) में हुए परिवर्तन के समय-क्रम को शामिल करें।
‘फ्लेम आउट’ से आशय इंजन के अंदर की दहन प्रक्रिया का रुक जाना है।
मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि जनहित याचिका, जिसमें ब्यूरो को ऐसी जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश देने की भी मांग की गई थी, ‘अत्यंत भ्रामक’ थी।
यह देखते हुए कि याचिकाकर्ता को सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत उपलब्ध उपायों का उपयोग करना चाहिए था, पीठ ने कहा, ‘‘हमारी राय में ऐसा अनुरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता।’’ अदालत ने कहा कि यदि ऐसी जानकारी आरटीआई अधिनियम के तहत दी जाने योग्य है, तो वह प्रदान की जाएगी।
पिछले वर्ष 12 जून को अहमदाबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से लंदन के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान (उड़ान संख्या एआई 171) दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें विमान सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर भी घुर्टना की चपेट में आकर 19 लोगों की मौत हो गई थी।
भाषा संतोष रंजन
रंजन
रंजन