नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) भारी बारिश ने बृहस्पतिवार को कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि बिहार में गंगा नदी ‘‘खतरे के निशान’’ से ऊपर बह रही है। हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध हुईं और पश्चिम बंगाल में ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं।
अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश में चित्रकूट, अमेठी और बाराबंकी जिलों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई।
चित्रकूट के बराछी गांव में भारी बारिश के दौरान कच्चा मकान ढहने से 32 वर्षीय एक व्यक्ति और दो बच्चों की मौत हो गई। उसकी पत्नी और बेटी घायल हो गईं।
अमेठी के नया पुरवा गांव में बुधवार शाम भारी बारिश के बीच कच्ची दीवार गिरने से 66 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई।
वहीं, बाराबंकी के धनौली गांव में बुधवार देर रात कच्ची दीवार गिरने से 62 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसका दामाद घायल हो गया।
बाराबंकी राज्य के बाढ़ प्रभावित 23 जिलों में शामिल है।
बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण अधिकारियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि पटना के गांधी घाट पर गंगा बृहस्पतिवार रात ‘‘खतरे के निशान” को पार कर सकती है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जेपी गंगा पथ के किनारे बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया और अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद के नदी किनारे तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और घाटों तथा तटबंधों के पास अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राज्य में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि भागलपुर के काजीकोरैया-राघोपुर और आसपास के इलाकों में गंगा से हो रहे भीषण कटाव को नियंत्रित कर लिया गया है और आगे होने वाले नुकसान को टाल दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और पिछले कुछ दिनों से झारखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा के चार सितंबर को दोपहर के आसपास मोकामा के हाथीदह में भी उच्चतम बाढ़ निशान को पार करने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण सोलन जिले में चंडीगढ़-शिमला राजमार्ग पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि धर्मपुर के पास जबली क्षेत्र में बारिश के पानी से दुकानों में पानी भर गया।
परवाणू से करीब 10 किलोमीटर दूर चक्की मोड़ के पास मलबा आने से वाहनों को एक लेन से गुजरना पड़ा, जिससे जाम लग गया। परवाणू के कई हिस्सों में भी जलभराव हुआ।
राज्यभर में 95 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। बिलासपुर के नैना देवी में बृहस्पतिवार को 130.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे अधिक है। इसके बाद मंडी के मुरारी देवी में 85.8 मिलीमीटर बारिश हुई।
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर तथा शनिवार को बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। राज्य में नौ सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और जल प्रवाह बढ़ने के बीच दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) ने मैथन और पंचेत जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी करना शुरू कर दिया है।
डीवीसी के मैथन में कार्यकारी निदेशक (सिविल) सुबीर कुमार साहा ने बताया कि बुधवार शाम मैथन से 1.2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जिसे बृहस्पतिवार दोपहर तक घटाकर 98,000 क्यूसेक कर दिया गया। इससे बाढ़ का खतरा ‘ऑरेंज’ से घटकर ‘येलो’ हो गया है। पश्चिम बर्धमान, पूर्व बर्धमान, बांकुड़ा, हुगली और हावड़ा जिलों के प्रभावित होने की आशंका है।
डीवीसी ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को सतर्क करते हुए नदी किनारे के इलाकों में एहतियाती कदम उठाने को कहा है।
पश्चिम बंगाल में भारी बारिश के बाद तिलपाड़ा और न्यू फरक्का के बीच पटरियों के नीचे की मिट्टी बह जाने से पूर्व रेलवे के हावड़ा-मालदा मंडल में ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
उत्तर बंगाल जाने वाली ट्रेनों को बाईपास लाइन से भेजा गया, जबकि जोगबनी एक्सप्रेस, गौर एक्सप्रेस और दार्जिलिंग मेल समेत कई लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चल रही थीं। रेलवे की रखरखाव टीमों ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
दिल्ली में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को दिल्ली में आम तौर पर बादल छाए रहने तथा मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
भाषा
राखी माधव
माधव