सिलीगुड़ी, आठ सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का हेलीकॉप्टर मंगलवार को अचानक बादल छा जाने के कारण पहाड़ी शहर कलिमपोंग में नहीं उतर सका और उन्हें सिलीगुड़ी लौटना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने बाद में सिलीगुड़ी से ही ऑनलाइन माध्यम से कलिपोंग में आयोजित एक प्रशासनिक बैठक की अध्यक्षता की।
शुभेंदु ने बैठक में बताया कि कैसे उनका हेलीकॉप्टर हिमालयी जिले के मुख्यालय में बने हेलीपैड के ऊपर मंडराता रहा, जबकि पायलट उसे उतारने के विकल्पों का जायज़ा ले रहा था और आखिरकार ईंधन की कमी की आशंका के मद्देनजर वापस लौटने का फैसला किया।
शुभेंदु ने वादा किया कि वह छह अक्टूबर को कलिमपोंग जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा हेलीकॉप्टर कलिमपोंग हेलीपैड के ऊपर था। लेकिन जैसा कि आप सभी जानते हैं, पहाड़ी इलाकों का मौसम कितना अनिश्चित होता है। अचानक, हेलीपैड के ऊपर घने बादल छा गए।’’
शुभेंदु ने बैठक को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि पायलट ने हेलीकॉप्टर को उतारने की कई बार कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘‘हमने लगभग 10 मिनट तक कोशिश की, और फिर पायलट ने मुझे बताया कि हेलीकॉप्टर में अधिक देर तक इंतजार करने के लिए पर्याप्त ईंधन नहीं है। इसीलिए मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल सका। लेकिन मैं जल्द ही आऊंगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ियों में लौटने से पहले वह दो अक्टूबर को बक्सा का दौरा करेंगे। उन्होंने दार्जिलिंग के लोकसभा सदस्य राजू बिस्ता से कहा, ‘‘राजू जी, छह अक्टूबर (कलिमपोंग दौरे के लिए)तय हो गया है।’’
शुभेंदु ने कहा, ‘‘मैं जल्दी या एक दिन पहले आऊंगा और फिर अगली सुबह सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग के लिए सड़क मार्ग से जाऊंगा। लौटते समय मैं कलिमपोंग में एक कार्यक्रम करूंगा। मैं वादा करता हूं।’’
मुख्यमंत्री को हेलीकॉप्टर से बागडोगरा से कलिमपोंग जाना था और वहां एक प्रशासनिक बैठक की अध्यक्षता करनी थी। यह बैठक पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं और पड़ोसी देश नेपाल के हालात को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बीच होनी थी।
खराब मौसम के कारण शुभेंदु अधिकारी की हेलीकॉप्टर यात्रा प्रभावित होने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 11 अगस्त को खराब मौसम के कारण उनके हेलीकॉप्टर को पूर्व मेदिनीपुर जिले के कोलाघाट में आपात स्थिति में उतारना पड़ा था।
भाषा धीरज माधव
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