उच्च न्यायालय ने सतलोक आश्रम के उपदेशक रामपाल को 2014 हिंसा मामले में जमानत दी

उच्च न्यायालय ने सतलोक आश्रम के उपदेशक रामपाल को 2014 हिंसा मामले में जमानत दी

उच्च न्यायालय ने सतलोक आश्रम के उपदेशक रामपाल को 2014 हिंसा मामले में जमानत दी
Modified Date: April 10, 2026 / 01:05 am IST
Published Date: April 10, 2026 1:05 am IST

चंडीगढ़, नौ अप्रैल (भाषा) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सतलोक आश्रम के उपदेशक रामपाल को 2014 के हिंसा मामले में जमानत दे दी है।

उच्च न्यायालय ने रामपाल को “भीड़ को उकसाने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल न होने” और ऐसी सभाओं में हिस्सा लेने से बचने का निर्देश दिया है, जहां ‘शिष्यों’ या प्रतिभागियों के शांति और कानून-व्यवस्था को भंग करने की कोई आशंका हो।

रामपाल ने हिसार की एक अदालत की ओर से 25 सितंबर 2025 को पारित किए गए विवादित आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी, जिसके तहत उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि 2014 में रामपाल ने 900 से अधिक समर्थकों के साथ मिलकर हिसार जिले के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में अपनी गिरफ्तारी का विरोध किया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, बड़ी संख्या में रामपाल के समर्थक इकट्ठा हुए थे, जिनमें से कुछ हथियारबंद थे और रामपाल ने कथित तौर पर महिलाओं और बच्चों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था, जिसके परिणामस्वरूप हिंसा भड़क उठी थी।

भाषा राजकुमार पारुल

पारुल


लेखक के बारे में