शिमला, 25 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार ने रविवार को ‘मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना’ शुरू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य बच्चों के पालन-पोषण में विधवाओं, निराश्रित और तलाकशुदा महिलाओं तथा दिव्यांग माता-पिता को मदद प्रदान करना है।
इस संबंध में जारी एक बयान के अनुसार, यह निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।
विज्ञप्ति में कहा गया कि इस योजना के तहत, पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक उनकी शैक्षिक, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों के लिए 1,000 रुपये का मासिक अनुदान मिलेगा।
इसमें कहा गया है कि योजना के तहत उनकी उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी जिसमें स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रम शुल्क और छात्रावास खर्च शामिल होगा।
योजना के कार्यान्वयन की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत ई-टैक्सी की खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी को भी मंजूरी दे दी।
इसने 2023-24 शैक्षणिक वर्ष के दौरान नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी में पहले से नामांकित छात्रों के लिए आयु में छह महीने की छूट को भी मंजूरी दे दी।
मंत्रिमंडल ने इसके अलावा कई अन्य योजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की।
भाषा नेत्रपाल सुभाष
सुभाष