अगर बीबीएमबी ने अतिरिक्त जमीन नहीं लौटायी तो हिमाचल प्रदेश सरकार कानून बनायेगी: सुक्खू

अगर बीबीएमबी ने अतिरिक्त जमीन नहीं लौटायी तो हिमाचल प्रदेश सरकार कानून बनायेगी: सुक्खू

अगर बीबीएमबी ने अतिरिक्त जमीन नहीं लौटायी तो हिमाचल प्रदेश सरकार कानून बनायेगी: सुक्खू
Modified Date: August 27, 2026 / 08:38 pm IST
Published Date: August 27, 2026 8:38 pm IST

शिमला, 27 अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) हिमाचल प्रदेश की अतिरिक्त ज़मीन वापस नहीं करता है, तो राज्य सरकार उसे वापस लेने के लिए कानून बनाएगी।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भाजपा विधायक जनक राज द्वारा पेश किए गए एक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सुक्खू ने कहा कि पानी राज्य की संपत्ति है जो हिमाचल प्रदेश के लिए सोने के समान है और सरकार हर हाल में इसकी रक्षा करेगी।

इस प्रस्ताव में राज्य में पनबिजली परियोजनाओं—चाहे वे निर्माणाधीन हों या चालू—से जुड़े सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी एवं प्राथमिकता-आधारित उपायों की मांग की गई।

सरकार ने विपक्ष के प्रस्ताव को अपनाने का फ़ैसला किया, जिसे ध्वनि मत से पारित किया गया। इसे केंद्र को भेजने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन’ (एनएचपीसी) और सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएन) जैसी कंपनियां हिमाचल प्रदेश में बिजली परियोजनाएं शुरू करके अरबों-खरबों रुपये की कंपनियां बन गयीं, जबकि राज्य गरीब ही बना रहा, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।

इसके बाद, सरकार ने सुन्नी, लुहरी और धौलासिध जैसे पनबिजली परियोजनाएं वापस लेने का फैसला किया। साथ ही, बैरा सिउल परियोजना को वापस लेने के लिए कानूनी कदम उठाने और इसके लिए देश के वरिष्ठ वकीलों की सेवाएं लेने का भी निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पनबिजली परियोजनाओं के मामले में राज्य के अधिकारों के लिए लड़ रही है। उन्होंने घोषणा की कि बांधों के आस-पास रहने वाले लोगों को अब पीने या सिंचाई के वास्ते पानी का इस्तेमाल करने के लिए किसी भी संस्था से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा ने बीबीएमबी में हिमाचल प्रदेश के बकाया पैसे के बारे में शीर्ष अदालत में एक हलफनामा जमा किया है, जिसे केंद्र सरकार ने मान लिया है, जबकि पंजाब ने सिर्फ़ आंशिक हलफ़नामा ही जमा किया है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार इस मामले के सुलझने के बाद ही किशाऊ बांध परियोजना पर आगे बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ‘स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण’ का बकाया वसूलने के लिए भी कदम उठा रही है और वह इसके लिए वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों की मदद लेगी।

भाषा

राजकुमार माधव

माधव


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