राष्ट्रीय सम्मेलन से हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री की दूरी सरकार के लापरवाह रवैये का संकेत : भाजपा
राष्ट्रीय सम्मेलन से हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री की दूरी सरकार के लापरवाह रवैये का संकेत : भाजपा
शिमला, 30 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता राजीव सैजल ने मंगलवार को दावा किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल की अनुपस्थिति कांग्रेस सरकार की गंभीरता की कमी को दर्शाती है।
यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है, जब सोमवार को नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद (सीसीएचएफडब्ल्यू) के 16वें सम्मेलन में देशभर के स्वास्थ्य मंत्रियों ने भाग लिया, लेकिन शांडिल इसमें शामिल नहीं हुए।
सैजल ने यह भी चिंता जतायी कि सम्मेलन में राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहीं स्वास्थ्य सचिव सुधा देवी कथित तौर पर बीच में ही सम्मेलन छोड़कर चली गईं। उन्होंने इसे कांग्रेस सरकार के ‘‘लापरवाह रवैये’’ का परिचायक बताया।
भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकार से पूछा कि स्वास्थ्य मंत्री इतने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन में क्यों शामिल नहीं हुए और स्वास्थ्य सचिव कथित तौर पर बीच में ही वहां से क्यों चली गईं।
उन्होंने कहा, ‘‘हिमाचल प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि क्या राज्य के स्वास्थ्य हितों की रक्षा इस सरकार की प्राथमिकता है।’’
एक बयान में सैजल ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद ऐसा महत्वपूर्ण मंच है, जहां केंद्र और राज्य सरकारें राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, केंद्र प्रायोजित योजनाओं और भविष्य की वित्तीय प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार की ओर से यह बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया था कि स्वास्थ्य मंत्री ने इतने महत्वपूर्ण सम्मेलन में भाग लेना उचित नहीं समझा।’’
सैजल ने दावा किया, ‘‘यदि स्वास्थ्य मंत्री देश के सर्वोच्च स्वास्थ्य नीति मंच पर राज्य का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं, तो इससे हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठते हैं।’’
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार बार-बार केंद्र पर पर्याप्त वित्तीय सहायता नहीं देने का आरोप लगाती है, लेकिन वहीं दूसरी ओर वह उन महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लेने से भी चूक जाती है, जहां स्वास्थ्य नीतियों, परियोजनाओं और केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा और चर्चा होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में शांडिल की अनुपस्थिति और स्वास्थ्य सचिव का ‘‘समय से पहले चले जाना’’ केंद्र सरकार के सामने गलत संदेश देता है और यह दर्शाता है कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों को लेकर गंभीर नहीं है।
भाषा गोला दिलीप
दिलीप

Facebook


