हिमंत मंत्रिमंडल में असम की सबसे लंबे समय तक विधायक रहने वाली महिला समेत चार नेता शामिल

हिमंत मंत्रिमंडल में असम की सबसे लंबे समय तक विधायक रहने वाली महिला समेत चार नेता शामिल

हिमंत मंत्रिमंडल में असम की सबसे लंबे समय तक विधायक रहने वाली महिला समेत चार नेता शामिल
Modified Date: May 12, 2026 / 03:49 pm IST
Published Date: May 12, 2026 3:49 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

गुवाहाटी, 12 मई (भाषा) असम में मंगलवार को नये मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के साथ शपथ लेने वाले चार मंत्रियों में राज्य विधानसभा में सबसे ज्यादा समय तक सेवा देने वाली महिला विधायक, चाय बागान जनजाति के एक अनुभवी नेता और राजग में भाजपा के सहयोगी दल अगप तथा बीपीएफ के एक-एक वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने असम में लगातार तीसरी बार सत्ता की कमान संभाल ली है। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने भाजपा नेता अजंता नियोग और रामेश्वर तेली के साथ-साथ असम गण परिषद (अगप) के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के चरण बोरो को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल हुए। हालांकि, नये मंत्रियों के विभागों की घोषणा अभी नहीं की गई है।

तेली को छोड़कर बाकी तीनों मंत्री असम की पिछली राजग सरकार का भी हिस्सा थे।

अजंता नियोग : गोलाघाट से छह बार की विधायक नियोग 2001 से उक्त विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उनके नाम राज्य विधानसभा में सबसे लंबे तक सेवा देने वाली महिला विधायक होने का रिकॉर्ड दर्ज है। 2021 में वह राज्य की पहली महिला वित्त मंत्री भी नियुक्त की गई थीं।

नियोग (62) अतीत में कांग्रेस का हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकारों में मंत्री के रूप में भी काम किया था। हालांकि, 2020 में नियोग भाजपा में शामिल हो गईं और उपचुनाव में अपनी सीट बरकरार रखी। उनके पति और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे नागेन नियोग 1996 में एक उग्रवादी हमले में मारे गए थे।

रामेश्वर तेली : चाय बागान जनजाति के प्रमुख नेता तेली केंद्र की मोदी सरकार में राज्य मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। छात्र जीवन से ही राजनीति की दुनिया में सक्रिय तेली ने 2001 में दुलियाजान निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर राज्य विधानसभा में पहली बार दस्तक दी। 2006 के चुनाव में भी वह इस सीट को बरकरार रखने में कामयाब रहे।

हालांकि, 2011 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद तेली (55) ने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखने का फैसला किया। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने डिब्रूगढ़ सीट जीती और 2019 में भी इसे बरकरार रखा। वह राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। तेली 2026 के असम विधानसभा चुनाव में दुलियाजान से एक बार फिर विधायक चुने गए हैं।

अतुल बोरा : अगप अध्यक्ष बोरा 2014 से इस क्षेत्रीय पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं। वह ‘ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन’ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और उन नेताओं में शामिल हैं, जो 1979-85 के विदेशी विरोधी असम आंदोलन के दौरान उभरे थे।

पांच बार के विधायक बोरा (66) ने 1996 में गोलाघाट में जीत के साथ राज्य विधानसभा में पहली बार कदम रखा था। 2016 में उन्होंने बोकाखाट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। वह लगातार तीसरी बार इस सीट से विधायक चुने गए हैं। बोरा ने पिछली राजग सरकारों में कृषि, सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास और असम समझौते का कार्यान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान संभाली थी।

चरण बोरो : बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) के माजबत से तीसरी बार विधायक चुने गए चरण बोरो (46) नये मंत्रिमंडल में शामिल निचले असम से एकमात्र मंत्री हैं। वह अक्टूबर 2025 में राजग के पिछले मंत्रिमंडल के आखिरी विस्तार के दौरान उसमें शामिल हुए थे, जब उनकी पार्टी बीटीआर परिषद चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद भाजपा नीत गठबंधन का हिस्सा बन गई थी।

पिछली सरकार में चरण बोरो ने परिवहन मंत्री के रूप में सेवा दी थी और कई अन्य जिम्मेदारियां भी संभाली थीं।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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