हिमंत को 10 साल पुराने मुद्दे के बजाय अगले पांच वर्षों की योजनाओं पर बोलना चाहिए: प्रियंका गांधी

हिमंत को 10 साल पुराने मुद्दे के बजाय अगले पांच वर्षों की योजनाओं पर बोलना चाहिए: प्रियंका गांधी

हिमंत को 10 साल पुराने मुद्दे के बजाय अगले पांच वर्षों की योजनाओं पर बोलना चाहिए: प्रियंका गांधी
Modified Date: February 20, 2026 / 05:15 pm IST
Published Date: February 20, 2026 5:15 pm IST

(फोटो के साथ)

गुवाहाटी, 20 फरवरी (भाषा) कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने शुक्रवार को कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को राज्य में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री बनने की अपनी कथित संभावना के बारे में ‘‘10 साल पुराने’’ मुद्दे को उठाने के बजाय रोजगार, विकास और अगले पांच वर्षों की योजनाओं पर बात करनी चाहिए।

प्रियंका ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कथित भ्रष्टाचार, ‘‘एक परिवार’’ में धन के केंद्रीकरण और राज्य की संपत्तियों को बड़े उद्योगपतियों को ‘‘सौंपने’’ को लेकर शर्मा पर निशाना साधा।

उन्होंने दावा किया कि असम के लोग यह महसूस कर रहे हैं कि ‘‘बदलाव’’ का समय आ गया है।

शर्मा के हाल के उन दावों के बारे में पूछे जाने पर जिनमें उन्होंने कांग्रेस की ओर से राज्य का मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई थी, प्रियंका ने कहा, ‘‘राजनीति में कई फैसले लिए जाते हैं। कुछ पक्ष में जाते हैं, कुछ विपक्ष में। हमें इसे स्वीकार करना होगा। अगर वह (शर्मा) अभी भी 10 साल पुराने मुद्दे को उठा रहे हैं तो मैं क्या कहूं।’’

शर्मा ने मंगलवार को दावा किया था कि 2014 में जब कांग्रेस के 58 विधायकों ने उनका समर्थन किया था, तब कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनसे पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने की तारीख तय करने को कहा था।

उन्होंने आरोप लगाया था कि हालांकि, उस समय अमेरिका यात्रा पर गये राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को फोन किया और स्थिति बदल गई।

असम में 2011 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में असंतोष देखा गया था, जब विधायकों के एक वर्ग ने तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की जगह शर्मा को मुख्यमंत्री के तौर पर समर्थन दिया था।

शर्मा 2015 में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये थे और उन्होंने 2016 के विधानसभा चुनावों में राज्य में भाजपा की पहली जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई थी।

प्रियंका ने कहा, ‘‘कृपया मुख्यमंत्री से कहें कि वह असम के विकास के बारे में बात करें। उन्हें असम की जनता के बारे में बात करनी चाहिए और यह बताना चाहिए था कि उन्होंने उनके लिए क्या किया है। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि वह अगले पांच वर्षों में क्या करने वाले हैं। युवा यह जानना चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि युवाओं और महिलाओं को रोजगार चाहिए और जनता को इतनी आसानी से गुमराह नहीं किया जा सकता है।

प्रियंका ने कहा, ‘‘लोग देख सकते हैं कि असम की संपत्तियां किस प्रकार एक परिवार और बड़े उद्योगपतियों को सौंपी जा रही है। ये संपत्तियां असम की जनता की हैं। जो जमीन दी जा रही हैं, वे लोगों की संपत्तियां हैं।’’

मतदाताओं, विशेषकर युवाओं से अपील करते हुए प्रियंका ने उनसे राज्य को मजबूत करने पर केंद्रित ‘‘सकारात्मक राजनीति’’ का समर्थन करने का आग्रह किया।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘आपने देखा है कि कितना भ्रष्टाचार हुआ है। यह भ्रष्टाचार असम की जनता के साथ विश्वासघात है। वे इसे देख रहे हैं और समझ रहे हैं। वे यह भी महसूस कर रहे हैं कि अब बदलाव का समय आ गया है।’’

भाषा देवेंद्र मनीषा

मनीषा


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