ऐतिहासिक शासकों को जाति, पंथ और धर्म से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए : रामनाथ कोविंद

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ऐतिहासिक शासकों को जाति, पंथ और धर्म से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए : रामनाथ कोविंद

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  • Publish Date - August 22, 2026 / 05:53 PM IST,
    Updated On - August 22, 2026 / 05:53 PM IST

तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु), 22 अगस्त (भाषा) पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को प्राचीन शासक पेरुम्बिडुगु मुथरैयार द्वितीय को पुष्पांजलि अर्पित की और कहा कि ऐतिहासिक शासकों को जाति, पंथ और धर्म से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए।

‘सुवरन मारन’ के नाम से भी जाने जाने वाले मुथरैयार द्वितीय आठवीं शताब्दी के मुथरैयार वंश के शासक थे। उन्होंने कावेरी डेल्टा क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर शासन किया था और तिरुचिरापल्ली, तंजावुर तथा पुडुकोट्टई के आसपास उनके मजबूत गढ़ थे।

कोविंद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उन्हें सदियों पहले इस क्षेत्र पर शासन करने वाले शासक को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर पाकर सम्मान और गौरव की अनुभूति हो रही है।

कोविंद ने कहा, ‘‘हर शासक समुदाय, जाति, पंथ और धर्म से ऊपर होता है। किसी भी राजा को किसी धर्म, जाति, समुदाय, क्षेत्र या भाषा से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।’’

पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने यहां श्रीरंगम स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप