Home » Country » Death Certificate: Attention! Do you only have a paper death certificate? Take note—if you don't get it digitized, you might regret it later.
Death Certificate: सावधान! क्या आपके पास सिर्फ कागज़ का डेथ सर्टिफिकेट है? संभल जाइए.. यदि इसे डिजिटल नहीं करवाया तो पछतायेंगे
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Death Certificate: "न फटने का डर, न खोने की फ़िक्र!" जानिए इस तरह मोबाइल से चुटकियों में डाउनलोड कर सकते हैं डिजिटल डेथ सर्टिफिकेट।।
Death Certificate: भारत में मृत्यु का सबसे सरल प्रमाण पत्र डेथ सर्टिफिकेट है। यह राष्ट्रिय स्तर पर मृतक की पहचान, मौत की तारीख और वजह दर्ज करता है, किन्तु अब समय बदल चूका है। 21वीं सदी में कागज़ी दस्तावेज़ पुराने हो गए हैं। 2023 के Registration of Births and Deaths (Amendment) Act के बाद अब Digital Death Certificate को भी कानूनी रूप से पूरी मान्यता मिल गई है। यह नया डिजिटल डेथ सर्टिफिकेट QR कोड, आधिकारिक हस्ताक्षर और सरकारी डेटाबेस से जुड़ा है।
यदि आपके पास परिवार के किसी सदस्य का केवल कागजी डेथ सर्टिफिकेट है, तो उसे आज ही डिजिटल करवा लें। इससे सर्टिफिकेट खोने या फटने का डर खत्म हो जाता है और आप इसे जरूरत पड़ने पर कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए कहीं भाग-दौड़ करने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ही इसे आसानी से डाउनलोड या जेनरेट कर सकते हैं।
चाहे इंश्योरेंस क्लेम लेना हो, बैंक अकाउंट बंद करवाना हो या फॅमिली पेंशन शुरू करनी हो, यह हर सरकारी सेवा में काम आता है। चूँकि यह एक डिजिटल रिकॉर्ड है, इसलिए इसकी जांच भी जल्दी हो जाती है और इसके साथ छेड़छाड़ या फ्रॉड होने का खतरा भी न के बराबर होता है।
पहले से रजिस्टर्ड डेथ मामलों के लिए, सबसे पहले अपने राज्य के CIVIL REGISTRATION SYSTEM (CRS) पोर्टल या स्थानीय नगर निगम/नगर पालिका की वेबसाइट पर जाएं। वहां मृतक का रिकॉर्ड सर्च करें। ऑनलाइन डेटा मिलने पर आप आसानी से अपना डिजिटल डेथ सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं।
अगर रिकॉर्ड ऑनलाइन दीखता है, तो परेशान न हों। आप संबंधित रजिस्ट्रार ऑफिस में एक आवेदन देकर पुराने रिकॉर्ड को कंप्यूटर (डिजिटल सिस्टम) में अपडेट कराया जा सकता है। एक बार रिकॉर्ड अपडेट हो जाने के पश्चात आपका डिजिटल सर्टिफिकेट भी जारी हो जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भविष्य में जब भी ज़रूरत पड़ेगी, डॉक्यूमेंट आसानी से मिल जाएगा और बार-बार कागज़ी कॉपी साथ रखने की फ़िक्र नहीं रहेगी।
मेरा डेथ सर्टिफिकेट 5 साल पुराना (कागजी) है, क्या नया कानून आने के बाद वह अमान्य (Invalid) हो गया है?
नहीं, आपका पुराना कागजी सर्टिफिकेट अमान्य नहीं हुआ है। लेकिन 2023 के नए कानून के बाद अब हर जगह डिजिटल वेरिफिकेशन को प्राथमिकता दी जा रही है। अगर आप इसे ऑनलाइन अपडेट करवा लेते हैं, तो सरकारी कामों, बैंक और इंश्योरेंस क्लेम में आपको किसी भी तरह की देरी या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मैं अपने राज्य के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) पोर्टल पर रिकॉर्ड कैसे चेक करूँ?
बेहद आसान है! अपने राज्य की CRS या नगर निगम/नगर पालिका की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां 'Search Death Record' या 'Download Certificate' के ऑप्शन पर क्लिक करें। इसके बाद मृतक का नाम, मृत्यु की तारीख, जेंडर और जिला भरकर सर्च करें। रिकॉर्ड स्क्रीन पर आ जाएगा।
अगर वेबसाइट पर सर्च करने के बाद "Record Not Found" (रिकॉर्ड मौजूद नहीं है) दिखाए, तो क्या करें?
इसका मतलब है कि आपका पुराना रिकॉर्ड अभी तक कंप्यूटर पर डिजिटल रूप से फीड नहीं किया गया है। इसके समाधान के लिए आपको उस रजिस्ट्रार ऑफिस (जहां पहले डेथ रजिस्टर हुई थी) में एक आवेदन देना होगा। वे आपके पुराने कागजी रिकॉर्ड को चेक करके उसे डिजिटल सिस्टम में अपडेट कर देंगे, जिसके बाद आपका डिजिटल सर्टिफिकेट जारी हो जाएगा।
क्या डिजिटल डेथ सर्टिफिकेट को डाउनलोड करने के लिए कोई फीस देनी होती है?
अधिकांश राज्यों में यदि रिकॉर्ड पहले से ऑनलाइन मौजूद है, तो डिजिटल सर्टिफिकेट को पोर्टल से पहली बार डाउनलोड करना बिल्कुल मुफ्त (Free) होता है। हालांकि, कुछ स्थानीय निकायों या पुराने रिकॉर्ड को नए सिरे से डिजिटल सिस्टम में अपडेट कराने के लिए सरकार द्वारा तय की गई एक बेहद मामूली सरकारी फीस ली जा सकती है।
डिजिटल डेथ सर्टिफिकेट में ऐसा क्या खास होता है जो इसे सुरक्षित बनाता है?
डिजिटल डेथ सर्टिफिकेट में एक सुरक्षित QR कोड और संबंधित अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर (आधिकारिक साइन) होते हैं। इसे सीधे सरकार के केंद्रीय डेटाबेस से लिंक किया जाता है। कोई भी बैंक या सरकारी विभाग QR कोड को स्कैन करके पल भर में इसकी असलियत जांच सकता है, जिससे नकली सर्टिफिकेट या फ्रॉड की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाती है।