गृह मंत्री शाह ने लद्दाख में सतत विकास पर जोर दिया

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गृह मंत्री शाह ने लद्दाख में सतत विकास पर जोर दिया

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  • Publish Date - May 2, 2026 / 05:58 PM IST,
    Updated On - May 2, 2026 / 05:58 PM IST

लेह/जम्मू, दो मई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लद्दाख में सतत विकास के लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया है, जिसमें पौधारोपण और जल सुरक्षा को क्षेत्र की समग्र प्रगति का प्रमुख स्तंभ बताया है। यह जानकारी लद्दाख के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने शनिवार को दी।

उपराज्यपाल ने उन्हें हिम सरोवर परियोजना के तहत विभिन्न गांवों में 50 जलाशय बनाने के लिए जारी कार्यों और हाल ही में चलाए गए पौधारोपण अभियान के बारे में जानकारी दी।

सक्सेना ने ‘एक्स’ पर गृह मंत्री की एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, ‘‘बुद्ध पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर लेह के अपने दौरे के आध्यात्मिक महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने सतत विकास पर केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। गृहमंत्री ने बड़े पैमाने पर पौधारोपण और जल सुरक्षा को लद्दाख के समग्र विकास का प्रमुख स्तंभ बताया।’’

लद्दाख के वरिष्ठ नेता थुपस्टन चेवांग ने पेयजल और सिंचाई के लिए श्योक नदी के जल का उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उपराज्यपाल ने बताया कि पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख में ग्लेशियर पिघलने से प्राप्त जल का केवल लगभग एक प्रतिशत ही वर्तमान में उपयोग किया जा रहा है, जबकि शेष बर्बाद हो जाता है। उन्होंने जल संरक्षण के लिए नवीन तरीकों की आवश्यकता पर बल दिया।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने लद्दाख में जलवायु परिवर्तन के अनुकूल विकास सुनिश्चित करने के लिए पौधारोपण और जल संरक्षण के दोहरे उद्देश्यों को पूरा करने के लिये एक व्यापक अभियान शुरू कर दिया है।

उपराज्यपाल ने कहा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले 40 दिनों में पर्यावरण स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए लेह और कारगिल में 4500 से अधिक देशी प्रजातियों के पेड़ लगाए जा चुके हैं।’

उन्होंने बताया कि लेह में प्रायोगिक तौर पर बांस, अमलतास, गुलमोहर, जैकारांडा, बोगनविलिया, बरगद, पीपल और इमली जैसी प्रजातियों के लगभग 500 पौधे भी लगाए गए हैं।

शाह के निर्देशानुसार, पौधारोपण और जल संरक्षण प्रयासों को पूरे क्षेत्र में और तेज किया जाएगा और अधिकारियों का लक्ष्य अगले वर्ष तक कम से कम 100 बड़े जलाशय बनाना है।

अधिकारियों ने बताया कि दीर्घकालिक लक्ष्य लद्दाख में वन क्षेत्र को वर्तमान में एक प्रतिशत से भी कम से बढ़ाकर अगले दो वर्षों में कम से कम पांच प्रतिशत करना है।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप