Reported By: Dhananjay Tripathi
,CG LPG Gas Scam/Photo Credit: IBC24
CG LPG Gas Scam : महासमुंद पुलिस ने एलपीजी कैप्सूल वाहन से 90 मीट्रिक टन एलपीजी गैस चोरी की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं।
एसपी ने मामले का खुलासा (CG LPG Gas Scam) करते हुए बताया कि 23 दिसम्बर 2025 को सरायपाली एसडीएम, खाद्य विभाग की टीम ने नवजीवन अस्पताल चिवराकुटा के पास 06 एलपीजी कैप्सूल टैंकर से अवैध रुप से एलपीजी सिलेंडर में रिफलिंग करते पकड़ा था। इसके बाद 24 दिसंबर को सिंघोडा थाना पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए टैंकरों को जब्त कर लिया।
बाद में प्रशासन की अनुमति से 30 मार्च 2026 को इन टैंकरों को अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल कंपनी को सौंप दिया गया। लेकिन जब वाहन मालिक 17 अप्रैल को कोर्ट के आदेश के बाद टैंकर लेने पहुंचा, तो उसके होश उड़ गए, टैंकर खाली मिला। इसके बाद उसने 23 और 25 अप्रैल को शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की।
शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और ठाकुर पेट्रोकेमिकल अभनपुर में छापा मार (CG LPG Gas Scam) कर जांच की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। जांच में सामने आया कि कंपनी के प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव, डायरेक्टर संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर ने 6 गैस कैप्सूल वाहनों से करीब 90 मीट्रिक टन एलपीजी गैस निकालकर उसे अन्य टैंकों में भरकर बेच दिया। इस गैस की अनुमानित कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इस मामले में पुलिस ने निखिल वैष्णव को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पूरे घोटाले (CG LPG Gas Scam) का खुलासा हुआ। पुलिस ने मामले मे 07 नग एलपीजी कैप्सूल वाहन , 04 बुलेट 21 टन क्षमता का, लेन-देन संबंधी दस्तावेज चालान एवं फाइल, 80 नग कमर्शियल गैस सिलेडंर 21 किलो क्षमता का, 17 नग कमर्शियल गैस सिलेडंर 33 किलो क्षमता, 01 नग कमर्शियल गैस सिलेडंर 15 किलो क्षमता, 27 नग कमर्शियल गैस सिलेण्डर 21 किलो क्षमता, 01 नग मोबाइल, 04 नग कम्प्यूटर, 02 नग सीसीटीवी डीवीआर आदि जब्त कर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि मामले में कुछ लोगों की और गिरफ्तारी हो सकती है।