गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान में सक्रिय 23 व्यक्तियों को यूएपीए के तहत ‘आतंकवादी’ घोषित किया

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गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान में सक्रिय 23 व्यक्तियों को यूएपीए के तहत ‘आतंकवादी’ घोषित किया

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  • Publish Date - July 4, 2026 / 03:28 PM IST,
    Updated On - July 4, 2026 / 03:28 PM IST

नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत पाकिस्तान में सक्रिय 23 व्यक्तियों को ‘आतंकवादी’ घोषित किया। इनमें लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के करीबी सहयोगी, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई आतंकी शामिल हैं।

सरकारी आदेश के अनुसार, ये आतंकी सुरक्षा बलों पर बड़े हमलों, ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी, सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और आतंकवादी संगठनों में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हुए हमलों में शामिल आतंकियों समेत कुल 23 पाकिस्तान स्थित आतंकियों को शनिवार को यूएपीए की अनुसूची में शामिल किया गया। इसके साथ ही इस सूची में शामिल आतंकवादियों की कुल संख्या 80 हो गई है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि ये सभी आतंकी भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों, आतंक फैलाने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ, आतंकी संगठनों की सहायता, धन जुटाने और आतंकियों की भर्ती में शामिल रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने आज यूएपीए के तहत 23 खूंखार आतंकियों को आतंकवादी घोषित किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ इन 23 आतंकवादियों में 17 पाकिस्तानी नागरिक और छह भारतीय नागरिक हैं। हालांकि, वर्तमान में सभी पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। मोदी सरकार भारत और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मोड्यूल को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

यूएपीए के तहत केंद्र सरकार को यह अधिकार है कि यदि उसे लगता है कि कोई व्यक्ति आतंकवाद में शामिल है, तो वह उसे आतंकवादी घोषित कर सकती है।

इन नामों को सूची में शामिल करने से राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को उनके वित्तीय संसाधनों पर रोक लगाने, हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने और संपत्तियों को जब्त करने जैसी कार्रवाई करने में मदद मिलती है।

लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद के करीबी सहयोगी अब्दुल रऊफ (52) , जो लाहौर में उसके सीधे निर्देश पर काम करता है, तथा राणा इफ्तिखार(54), जो युवाओं को जिहादी गतिविधियों के लिए प्रेरित करता है, को यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है।

इसके अलावा हाफिज खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्लाह खालिद और मौलाना यूसुफ तैबी, जो सईद के संगठन जमात-उद-दावा से जुड़े हैं, को भी सूची में शामिल किया गया है।

अशफाक अहमद (52) को बहावलपुर से जैश-ए-मोहम्मद के लिए तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने और धन जुटाने के आरोप में आतंकवादी घोषित किया गया है।

संयुक्त सचिव राकेश राठी द्वारा जारी अधिसूचना में मुफ्ती मोहम्मद असगर खान (52) को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। उसे पाकिस्तान के अब्बासपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का ‘लॉन्चिंग कमांडर’ बताया गया है और 29 नवंबर 2016 को जम्मू के नगरोटा सैन्य शिविर पर हुए आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में माना जाता है।

आदेश में कहा गया कि नगरोटा हमले से जुड़े दो अन्य जैश आतंकियों-हाफिज अब्दुल शकूर (56) और अब्दुल्ला जेहादी (47) को भी सूची में शामिल किया गया है।

सूची में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों में पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर के पुंछ का मसूद इलियास कश्मीरी (41) और पाकिस्तान के नारोवाल ज़िले के शाकरगढ़ का रहने वाला मोहम्मद मुसादिक (38) शामिल है। मुसादिक 22 अप्रैल, 2022 को जम्मू के सुंजवान में सुरक्षा बलों पर हुए हमले में शामिल था।

आदेश के अनुसार, बेंगलुरु का रहने वाला मोहम्मद शहीद फैसल (40) को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। वह वर्तमान में रावलपिंडी में छिपा हुआ है और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, अल-कायदा तथा आईएसआईएस से जुड़ा बताया जाता है। उस पर सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की भर्ती, पाकिस्तान में हथियारों का प्रशिक्षण दिलाने, आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, ‘डेटा एन्क्रिप्शन’ और फर्जी पहचान का इस्तेमाल सिखाने तथा हथियारों की आपूर्ति और कई आतंकी साजिशों में शामिल रहने का आरोप है।

इसके अलावा जैश-ए-मोहम्मद के कई गुटों के प्रमुख इमदाद उल्लाह मक्की, इस्लामाबाद के नजीर अहमद गुज्जर और पंजाब के वसीम नूर जाट को भी सूची में शामिल किया गया है। गुज्जर और जाट पर ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने तथा युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने के आरोप हैं।

लश्कर के आतंकवादी फिरदौस अहमद भट, हारून रशीद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कयूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर, अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्ला खालिद, मोहम्मद याकूब, मोलाना यूसुफ तैबी, ओवैस फरूज, कारी याकूब शेख और राणा इफ्तिखार के नाम भी सूची में जोड़े गए हैं।

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘इन व्यक्तियों को औपचारिक रूप से आतंकवादी घोषित करने से उनके वित्तीय नेटवर्क, आवाजाही, भर्ती तंत्र और आतंक से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही यह राष्ट्रविरोधी और आतंकी गतिविधियों के खिलाफ कड़ा संदेश देगा।’’

भाषा शोभना दिलीप

दिलीप