उम्मीद है कि राजनीतिक दल संसदीय और विधानसभा चुनाव एक दिन कराने पर सहमत होंगे: पाक अदालत

उम्मीद है कि राजनीतिक दल संसदीय और विधानसभा चुनाव एक दिन कराने पर सहमत होंगे: पाक अदालत

उम्मीद है कि राजनीतिक दल संसदीय और विधानसभा चुनाव एक दिन कराने पर सहमत होंगे: पाक अदालत
Modified Date: June 6, 2023 / 04:39 pm IST
Published Date: June 6, 2023 4:39 pm IST

इस्लामाबाद, छह जून (भाषा) पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने उम्मीद जताई है कि देश के राजनीतिक दल राजनीति में ध्रुवीकरण को खत्म करने के लिए एक ही दिन संसद और प्रांतीय विधानसभाओं के चुनाव कराने पर सहमत हो जाएंगे। मीडिया में आई खबर में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।

प्रधान न्यायाधीश उमर अता बंदियाल की अगुवाई वाली तीन सदस्य पीठ ने सोमवार को दिए लिखित आदेश में कहा, “ अच्छा रहेगा कि देश का राजनीतिक नेतृत्व मौजूदा राजनीतिक गतिरोध को दूर करने की कोशिश करे। राजनीतिक मुद्दों को बातचीत और सहमति से ही सुलझाया जा सकता है।”

पीठ संसद और सभी विधानसभाओं के लिए एक ही दिन चुनाव कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

पीठ ने आदेश में कहा, “ हम उम्मीद करते हैं कि देश में राजनीतिक दल सियासत में ध्रुवीकरण को दूर करेंगे और सभी संवैधानिक विधानसभाओं के लिए आम चुनाव कराने के लिए एक ही तारीख पर सहमत होंगे। ”

आदेश में कहा गया है कि सरकार की ओर से पेश हुए ख्वाजा साद रफीक ने शीर्ष अदालत को बताया कि सरकार और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के बीच बातचीत सार्थक रही और इस पर सहमति बनी है कि एक ही दिन ‘नेशनल असेंबली’ (संसद) और चार प्रांतीय विधानसभाओं के लिए चुनाव कराए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि बातचीत जारी रहती है तो आम चुनाव कराने के लिए एक विशिष्ट तिथि पर सहमति बनाई जा सकती है।

आदेश में कहा गया है कि पीटीआई के शाह महमूद कुरैशी ने वार्ता के दौरान ज्यादा प्रगति नहीं होने पर दुख जताया है।

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार से बात करते हुए, सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शीर्ष अदालत की इच्छा के बावजूद, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली संघीय सरकार आम चुनावों को लेकर पीटीआई के साथ बातचीत करने को तैयार नहीं है।

पूर्व प्रधानमंत्री खान की पीटीआई ने इस साल जनवरी में पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय विधानसभाओं को इस उम्मीद से भंग कर दिया था कि यह कदम सत्तारूढ़ गठबंधन को अन्य विधानसभाओं को भंग करने के लिए मजबूर करेगा और 90 दिन की अवधि के भीतर चुनाव कराने के लिए मजबूर करेगा।

हालांकि, ऐसा हो नहीं सका, क्योंकि सरकार और खान के नेतृत्व वाली पीटीआई के बीच चुनाव की तारीख तय करने के लिए हुई बातचीत बेनतीजा रही।

खान चुनाव की मांग रहे हैं, जबकि सरकार ने मध्यावधि चुनाव कराने या संसद और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए अलग-अलग चुनाव कराने का बार-बार विरोध किया है।

भाषा नोमान माधव

माधव


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