एचपीसीएल हत्याकांड: दो पुलिस अधिकारी निलंबित; एजीएम के परिवार ने ‘निष्क्रियता’ का आरोप लगाया

एचपीसीएल हत्याकांड: दो पुलिस अधिकारी निलंबित; एजीएम के परिवार ने ‘निष्क्रियता’ का आरोप लगाया

एचपीसीएल हत्याकांड: दो पुलिस अधिकारी निलंबित; एजीएम के परिवार ने ‘निष्क्रियता’ का आरोप लगाया
Modified Date: March 13, 2026 / 03:34 pm IST
Published Date: March 13, 2026 3:34 pm IST

बदायूं (उप्र), 13 मार्च (भाषा) बदायूं एक इथेनॉल संयंत्र से जुड़े दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में क्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट के बाद दो पुलिस अधिकारियों को लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इस बीच, मृतकों में से एक हर्षित मिश्रा के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पहले भी शिकायत की गई थी कि उनकी जान को खतरा है लेकिन पुलिस ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया।

सेजनी गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) संयंत्र में सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) के पद पर कार्यरत मिश्रा (34) और महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता (58) की बृहस्पतिवार को हत्या कर दी गई थी।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बदायूं के सांसद आदित्य यादव ने कहा कि एक औद्योगिक परिसर के अंदर दिनदहाड़े दो अधिकारियों की हत्या से कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षक अजय कुमार और उप-निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार को बृहस्पतिवार रात अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई उझानी के क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के बाद की गई।

मिश्रा परिवार के सदस्य शुक्रवार की सुबह शवगृह के बाहर जमा हो गए, जहां मिश्रा और गुप्ता के शव रखे गए हैं।

मिश्रा की मां रानी देवी ने रोते हुए कहा, ‘‘उनके बेटे ने पहले ही कई बार अपनी जान को खतरा होने की बात बताई थी और इसके लिए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और विधायक तक से शिकायत की थी।’’

उन्होंने कहा कि आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ ​​रामू खुलेआम धमकियां देता था और एक आपराधिक गिरोह से जुड़े होने का दावा करके उन्हें डराता-धमकाता था।

रानी देवी ने दावा किया, ‘‘मेरे बेटे ने सबको बताया था कि उसकी जान को खतरा है। उसने एसपी, डीएम और यहां तक ​​कि विधायक से भी संपर्क किया, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी। बैठक में कई लोग मौजूद थे; फिर सिर्फ मेरे बच्चे की ही क्यों जान गई? किसी और को खरोंच तक नहीं आई। सुरक्षाकर्मी भी इस साजिश में शामिल थे।’’

घटना में मारे गए एजीएम के मामा प्रभात मिश्रा ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपी पहले से धमकियां देता था और गाड़ियों का पीछा करता था, लेकिन पुलिस ने कभी ‘‘गंभीरता से कार्रवाई नहीं की’’।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि बंदूक लेकर वह संयंत्र के अंदर कैसे पहुंच गया। पहले से शिकायत की गई थी कि वह गाड़ी रोकता था और पीछा करता था, फिर भी पुलिस ने नहीं सुना।

मिश्रा के पिता सुशील कुमार ने बताया कि उनके बेटे ने कई बार पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की थी।

शवगृह के पास मौजूद मिश्रा के पिता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरे बेटे ने डीएम, एसपी और मुसाझाग थाने से सुरक्षा मांगी थी। मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूमता रहा। आरोपी घटनास्थल पर आया और उसने दो लोगों की हत्या कर दी।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि यह हत्या एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी।

उन्होंने मामले में जांच की मांग करते हुए इस साजिश में कई बड़े लोगों के शामिल होने की आशंका जताई। उन्होंने एचपीसीएल के एक शीर्ष अधिकारी सहित चार लोगों का नाम लिया और उन पर हत्या की साजिश रचने में शामिल होने का आरोप लगाया।

सांसद यादव ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि दिनदहाड़े औद्योगिक परिसर के अंदर इस तरह का वारदात होना बेहद दुखद और शर्मनाक है।

यादव ने कहा, ‘‘बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के ग्राम सैंजनी स्थित एचपीसीएल संयंत्र में प्रबंधक सुधीर गुप्ता और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या बेहद दुखद और शर्मनाक घटना है। दिन के उजाले में औद्योगिक परिसर के अंदर ऐसी वारदात होना साफ दिखाता है कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हो चुके हैं और सरकार के कानून व्यवस्था के दावे कितने खोखले साबित हो रहे हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन की नाकामी भी साफ दिखाई दे रही है।’’

उन्होंने कहा कि जब बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान्न ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा – यह सोचने वाली बात है।

यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन तुरंत जवाब देने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

घटना के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में दिखा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस क्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर थाना मूसाझाग के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अजय कुमार और क्षेत्र के हल्का प्रभारी धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है।

जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया था कि बृहस्पतिवार को संयंत्र के उप महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता और सहायक महाप्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

राय ने कहा था कि आरोपी सेजनी गांव निवासी आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू पहले इथेनॉल संयंत्र में विक्रेता के रूप में काम करता था, जिसे बाद में गिरफतार कर लिया गया।

सूत्रों ने कहा कि महाप्रबंधक गुप्ता ने हाल में कुछ कर्मचारियों की छंटनी की थी और उन विक्रेताओं को काली सूची में डाल दिया था।

उन्होंने बताया कि बर्खास्तगी के बाद से सिंह महाप्रबंधक से नाराज थे और उन्होंने कई मौकों पर उन्हें धमकी भी दी थी।

भाषा सं जफर सुरभि

सुरभि


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