जयपुर, एक जनवरी (भाषा) राजस्थान के प्रमुख मंदिरों में वर्ष 2026 के पहले दिन बृहस्पतिवार को प्रार्थना करने और नववर्ष के लिए आशीर्वाद लेने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
अधिकारियों और मंदिर प्राधिकारियों के अनुसार, राज्य की राजधानी जयपुर सहित सीकर, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़ और अन्य जिलों के प्रसिद्ध मंदिरों के बाहर सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं।
उन्होंने बताया कि जयपुर में गोविंद देवजी मंदिर और मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भारी भीड़ रही, जहां श्रद्धालु सुबह चार बजे से ही कतार में लगे थे। मंदिरों जाने वाले वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण बड़ी चौपड़ के आसपास यातायात जाम की स्थिति बनी रही।
अधिकारियों ने बताया कि सीकर स्थित खाटू श्यामजी मंदिर के कपाट खुले रहे ताकि श्रद्धालु निरंतर दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि दिन भर में 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने की उम्मीद है
उन्होंने यह भी बताया कि अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती के साथ सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और रिंगस तथा खाटू के बीच 17 किलोमीटर के क्षेत्र को दो जनवरी तक वाहन निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है।
चित्तौड़गढ़ में श्रद्धालु सुबह चार बजे से ही सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचने लगे, वहीं बांसवाड़ा के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ देखी गई।
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के प्रबंधक जागेश पंचाल ने बताया कि श्रद्धालु बुधवार रात से ही आने लगे थे और वे विशेष व्यवस्थाओं के बीच सुबह की आरती में शामिल हुए।
इसी तरह, सवाई माधोपुर में हजारों श्रद्धालु त्रिनेत्र गणेश मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे, जिससे मंदिर तक जाने वाली सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
चुरू स्थित सालासर बालाजी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। यहां रात एक बजे मंदिर के पट खोले गए और दर्शन की अनुमति दी गई।
पुजारी कमल किशोर ने बताया कि मंदिर प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की है, जबकि पुलिस और स्वयंसेवकों ने यातायात को सुचारू रखने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।
भाषा प्रचेता पवनेश
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