कोलकाता/सिलीगुड़ी, 29 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती शहर पानीटंकी में त्रिपुरा की चार किशोरियों और दो महिलाओं को समय मुक्त करा लिया गया जब नेपाल के एक डांस बार में काम कराने के लिए उन्हें कथित तौर पर तस्करी कर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने यह जानकारी दी।
एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि दो पुरुषों के साथ ये छह पीड़िताएं बृहस्पतिवार को नेपाल सीमा पार करने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ की सहयोगी संस्था ‘कोसी लोक मंच’ के समन्वय से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने उन्हें रोक लिया।
उन्होंने बताया कि मानव तस्करी की आशंका जताए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जांच से जुड़े पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘दोनों पुरुष अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के दौरान इन छह पीड़ितों को साथ ले जाने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं पेश कर सके।’’
एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘परामर्श सत्र के दौरान लड़कियों ने अधिकारियों को बताया कि उनसे नेपाल में डांस शो का वादा किया गया था। हालांकि, वे अपने गंतव्य, काम करने की जगह या नेपाल में ठहरने की अवधि के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं।’’
अधिकारी ने बताया कि सूचना के अनुसार, पीड़ितों में से एक लड़की और एक महिला त्रिपुरा स्थित अपने घर से लापता थीं।
दार्जिलिंग जिले में स्थित पानीटंकी, भारत-नेपाल सीमा पर एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पारगमन बिंदु है।
परमर्श सत्र और सत्यापन के बाद एसएसबी ने छह पीड़ितों और दोनों पुरुषों को कोसी लोक मंच को सौंप दिया। इसके बाद संस्था ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए खरीबाड़ी थाने से संपर्क कर मामले की सूचना दी।
भाषा खारी रंजन
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