हुमायूं और ममता एक जैसे; भाजपा बंगाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं होने देगी : अमित शाह

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हुमायूं और ममता एक जैसे; भाजपा बंगाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं होने देगी : अमित शाह

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  • Publish Date - April 13, 2026 / 08:49 PM IST,
    Updated On - April 13, 2026 / 08:49 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

रानीगंज/बीरभूम, 13 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और आम जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर “एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं।” उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जीतती है, तो वह राज्य में बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं होने देगी।

पश्चिम बर्धमान जिले के कोयला खदान क्षेत्र रानीगंज में आयोजित एक चुनावी रैली में शाह ने ममता पर अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने तृणमूल सुप्रीमो के इस कदम और मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने के हुमायूं के प्रस्ताव के बीच समानता दर्शाने की कोशिश की।

मर्शिदाबाद के भरतपुर से विधायक हुमायूं को बंगाल में बाबरी जैसी मस्जिद के निर्माण का प्रस्ताव रखने के बाद पिछले साल दिसंबर में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। बाद में हुमायूं ने खुद की पार्टी बना ली और वह भरतपुर से फिर से चुनाव मैदान में हैं।

शाह ने कहा, “कांग्रेस, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), समाजवादी पार्टी (सपा) तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसी अन्य पार्टियों ने रामलला को 550 वर्षों तक तंबू में रखने का समर्थन किया था।”

उन्होंने कहा, “2019 में भारी जनादेश मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया, जिसका ममता जैसे नेताओं ने विरोध किया। अब ममता की तरह की सोच रखने वाले हुमायूं कबीर बंगाल में बाबरी मस्जिद बनवाना चाहते हैं।”

शाह ने कहा कि आगामी चुनाव में जीत मिलने पर भाजपा बंगाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं होने देगी।

गृह मंत्री की इन टिप्पणियों को उस वीडियो को लेकर तृणमूल कांग्रेस के हमलों को कुंद करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें हुमायूं को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया था कि वह ममता को सत्ता से बेदखल करने और अल्पसंख्यक मतों के विभाजन के लिए हुए 1,000 करोड़ रुपये के समझौते के तहत 200 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि हासिल करने के लिए भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं।

ममता ने वीडियो में की गई कथित टिप्पणियों के आधार पर रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए हुमायूं के साथ “1,000 करोड़ रुपये का सौदा” किया है।

‘पीटीआई-भाषा’ इस वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी।

शाह ने बीरभूम जिले के मयूरेश्वर और खैरासोल में आयोजित चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल की जनता ‘बम’ और ‘बुलेट’ का जवाब वोटों से देगी। उन्होंने वादा किया कि मतदाताओं के “तृणमूल सरकार को सत्ता से विदा करने” के बाद भाजपा “सिंडिकेट और रिश्वतखोरी को बढ़ावा देने वालों को सीधा करने के लिए उन्हें उल्टा लटकाएगी।”

शाह ने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनना तय है, क्योंकि राज्य की जनता ने तृणमूल सुप्रीमो को “टाटा, बाय-बाय” कहने का मन बना लिया है।

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल की शह वाले अपराधियों ने लंबे समय से बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया है। उन्होंने कहा कि पांच मई यानी मतगणना के एक दिन बाद भाजपा कार्यकर्ता अपने उत्पीड़कों को “उनकी सुरक्षित पनाहगाहों” से खींचकर निकालेंगे और न्याय के कटघरे में लाएंगे।

शाह ने कहा, “मैं तृणमूल के गुंडों को सलाह देता हूं कि वे 23 अप्रैल (पहले चरण का मतदान) को अपने घरों में ही रहें, वरना हम उन्हें चार मई को एक-एक करके उठाएंगे और जेल में डाल देंगे।”

बीरभूम में पहले चरण के तहत 23 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरे चरण के तहत वोट 29 अप्रैल को डाले जाएंगे। वहीं, मतगणना चार मई को की जाएगी।

शाह ने ममता पर राज्य के बहुसंख्यक समुदाय को “डराने” की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव घुसपैठियों को बाहर निकालने के मुद्दे पर लड़ा जा रहा है।

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में मुर्शिदाबाद में दंगे हुए, राम नवमी की शोभायात्रा पर हमले किए गए और कुछ जगहों पर सरस्वती पूजा की अनुमति नहीं दी गई।

शाह ने अवैध आव्रजन के मुद्दे पर तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “क्या मुख्यमंत्री या उनके भतीजे (अभिषेक बनर्जी) घुसपैठियों को बाहर निकाल सकते हैं? यह सिर्फ भाजपा ही कर सकती है।”

उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं दे रही हैं, बल्कि बंगाल में घुसपैठ के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को दोषी ठहरा रही हैं।”

शाह ने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालने के 45 दिनों के भीतर बांग्लादेश से सटी भारत की सीमाओं पर बाड़ लगाने के लिए 600 एकड़ भूमि के आवंटन का काम पूरा करेगी।

उन्होंने कहा, “सिर्फ बंगाल से ही नहीं, हम पूरे देश से एक-एक करके घुसपैठियों को पकड़ेंगे और उन्हें बाहर निकालेंगे।”

शाह ने आरोप लगाया कि तृणमूल के समर्थन वाली केंद्र की पिछली मनमोहन सिंह सरकार ने पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ कभी भी ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा, “इसके बजाय, उन्होंने आतंकवादियों को बिरयानी खिलाई।”

गृह मंत्री ने कहा कि दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाने का आदेश दिया और पाकिस्तान को वहीं चोट पहुंचाई, जहां उसे सबसे ज्यादा दर्द होता।

उन्होंने कहा, “मोदी सरकार ने देश में नक्सलवाद को कुचल दिया है और अब घुसपैठियों को बाहर निकालने का समय आ गया है।”

शाह ने दावा किया कि घुसपैठिये “राज्य के युवाओं की नौकरियां छीन रहे थे, गरीबों का खाना हड़प रहे थे और दंगे भड़का रहे थे।”

उन्होंने बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के अपनी पार्टी के संकल्प को दोहराया।

शाह ने कहा, “यूसीसी के लागू हो जाने के बाद कुछ लोगों के चार बार शादी करने की प्रथा का अंत हो जाएगा।”

गृह मंत्री ने तृणमूल पर घोटालों में लिप्त होने का आरोप लगाया और दावा किया कि पार्टी ने 5,000 करोड़ रुपये का गबन किया है।

शाह ने सूर्यास्त के बाद सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के आने-जाने के बारे में मुख्यमंत्री की कथित टिप्पणियों को लेकर भी उन पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी को यह कहने के लिए शर्म आनी चाहिए कि महिलाओं को शाम सात बजे के बाद घर पर रहना चाहिए। हम ऐसा माहौल सुनिश्चित करेंगे, जहां महिलाएं रात को एक बजे भी अपनी स्कूटी से आ-जा सकें।”

शाह ने भाजपा के चुनावी घोषणापत्र का जिक्र करते हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 45 दिनों के भीतर लागू करने, महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को 3,000 रुपये प्रति माह, गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये और विशेष रूप से सक्षम लोगों को 2,000 रुपये देने का वादा किया।

उन्होंने कहा, “सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण होगा, सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी और आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। हम किसानों को मिलने वाला वार्षिक अनुदान भी बढ़ाकर 9,000 रुपये करेंगे।”

शाह ने आरोप लगाया कि ममता का एकमात्र मकसद अपने भतीजे को मुख्यमंत्री बनाना है, जबकि दूसरी ओर मोदीजी का उद्देश्य बंगाल के युवाओं को सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी कहती हैं कि बंगाल का शासन दिल्ली से चलेगा; मैं उनसे कहता हूं कि चुनाव परिणामों के बाद राज्य का बेटा ही यहां का मुख्यमंत्री होगा और वह तृणमूल से नहीं होगा।”

भाषा पारुल माधव

माधव