मैं बांग्लादेश वापस जाने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं : शेख हसीना

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मैं बांग्लादेश वापस जाने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं : शेख हसीना

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  • Publish Date - August 5, 2026 / 08:58 PM IST,
    Updated On - August 5, 2026 / 08:58 PM IST

नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को घोषणा कि वह दिसंबर में स्वदेश लौटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और इसके लिए गिरफ्तारी या मौत की सजा के जोखिम का सामना करने को भी तैयार हैं। हसीना ने कहा कि उनकी स्वदेश वापसी का उद्देश्य देश में ‘‘लोकतंत्र और न्याय बहाल करना’’ है।

हसीना ने यह बात भारत आने के बाद पहली बार डिजिटल तरीके से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही। वह पांच अगस्त, 2024 को ढाका छोड़कर भारत आई थीं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और समृद्धि के रास्ते पर वापस लाने के लिए है।’’

हसीना ने कहा, ‘‘मुझे पता है, वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मेरी जान ले सकते हैं। मैं अपने लोगों के साथ रहने के लिए घर वापस जाऊंगी।’’

हसीना (78) ढाका छोड़ने के बाद से भारत में रह रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने जाने का फैसला कर लिया है और मैं बांग्लादेश जाऊंगी।’’

पिछले साल नवंबर में ढाका के एक विशेष न्यायाधिकरण ने 2024 के छात्रों के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के दौरान हसीना की सरकार की कार्रवाई को लेकर कथित ‘‘मानवता के खिलाफ अपराधों’’ के मामले में हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद से ढाका नयी दिल्ली से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।

पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री हसीना ने भारत की सराहना की और कहा कि वह हमेशा बांग्लादेश के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत हमेशा से बांग्लादेश का घनिष्ठ मित्र रहा है।’’

हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने कहा, ‘‘भय घरों, कार्यस्थलों और शैक्षणिक परिसरों तक पहुंच गया है। यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसे हमने बनाया था। मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बांग्लादेश के लोगों के लोकतंत्र और न्याय के संघर्ष में उनके साथ खड़े होने का आह्वान करती हूं।’’

हसीना ने आरोप लगाया कि जुलाई और अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शन कोई शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं थे, जिनके बाद उनकी सरकार सत्ता से हट गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठित समूहों ने इस आंदोलन को हिंसक राजनीतिक हथियार में बदलने का काम किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपने देश से दूर होने के बाध्य किया गया, लेकिन मैं अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुई।’’

हसीना के बेटे सजीब वाजिद जॉय ने आरोप लगाया कि अगस्त 2024 से बांग्लादेश में राजनीतिक हत्याओं को वैध बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेश एक विफल राष्ट्र है और देश में कानून-व्यवस्था नहीं है।

जॉय ने आरोप लगाया कि नयी दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होनी चाहिए कि भारत की पूर्वी सीमा पर बांग्लादेश एक और पाकिस्तान बन गया है।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप