मुझे किसी क्रांति में शामिल होने की आवश्यकता नहीं, मुझे विश्वास रखना चाहिए: डी के शिवकुमार

मुझे किसी क्रांति में शामिल होने की आवश्यकता नहीं, मुझे विश्वास रखना चाहिए: डी के शिवकुमार

मुझे किसी क्रांति में शामिल होने की आवश्यकता नहीं, मुझे विश्वास रखना चाहिए: डी के शिवकुमार
Modified Date: March 3, 2026 / 09:19 pm IST
Published Date: March 3, 2026 9:19 pm IST

बेंगलुरु, तीन मार्च (भाषा) कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर जारी सत्ता संघर्ष के बीच उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह ‘‘अत्यंत धैर्य’’ रखे हुए हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की क्रांति में शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद पर विश्वास है और उम्मीद है।

कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख शिवकुमार ने कहा कि उन्हें न तो स्वार्थ के लिए किसी भी तरह की ‘ब्लैकमेलिंग’ में दिलचस्पी है और न ही कांग्रेस के लिए किसी तरह की परेशानी पैदा करने में। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि वह मैदान में उतरकर लड़ने वाले व्यक्ति हैं, लेकिन उनकी लड़ाई कभी भी पार्टी के भीतर नहीं होती।

इन आरोपों के बीच कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सत्ता संघर्ष के दौरान फोन टैपिंग के जरिए शिवकुमार के खेमे पर नजर रखने के लिए राज्य की खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री जी परमेश्वर इस मुद्दे पर बयान दे चुके हैं।

शिवकुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा, “आज तक मैंने मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर कभी कुछ नहीं कहा है। हमारे बीच के मुद्दे, मेरे, मुख्यमंत्री और पार्टी आलाकमान तक ही सीमित हैं। मैंने सिर्फ इतना कहा है कि जो फैसला हुआ है उसमें हम शामिल हैं, इसके अलावा मैंने कभी कुछ नहीं कहा।’’

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘कुछ लोग कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री का पद खाली हो जाएगा, दलितों को यह पद मिलना चाहिए, दूसरों को मिलना चाहिए। ये वही लोग हैं जो मुख्यमंत्री का पद खाली करवाना चाहते हैं, चाहते हैं कि यह पद दलितों और अन्य लोगों को दिया जाए। मैंने इस बारे में कभी कुछ नहीं कहा।’’

यह उल्लेख करते हुए कि वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं, शिवकुमार ने कहा कि वह इस जिम्मेदारी से अवगत हैं और उन्होंने हमेशा यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि उनके कारण पार्टी को कोई नुकसान न पहुंचे और अनुशासन का उल्लंघन न हो।

यह पूछे जाने पर कि क्या बजट के बाद कोई ‘‘क्रांति’’ होगी, शिवकुमार ने कहा, ‘‘मुझे किसी क्रांति की जरूरत नहीं है। मुझे खुद पर भरोसा है, मुझमें आत्मविश्वास है। मुझे हमेशा उम्मीद रहती है… मुझे कोई प्रयास करने की जरूरत नहीं है; जो कुछ भी मुझे मिलना है, वह उचित समय पर मिल जाएगा। मुझे पूरा विश्वास है। आपसे जल्द ही मुलाकात होगी।’’

जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा और जद (एस) ने उन्हें लुभाने की कोई कोशिश की थी, उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बारे में किसी और समय कहानी लिखूंगा… अभी इस बारे में क्यों बात करूं।’’

भाषा नेत्रपाल माधव

माधव


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