‘आई-पैक’ के निदेशक विनेश चंदेल को धन शोधन मामले में जमानत

‘आई-पैक’ के निदेशक विनेश चंदेल को धन शोधन मामले में जमानत

‘आई-पैक’ के निदेशक विनेश चंदेल को धन शोधन मामले में जमानत
Modified Date: April 30, 2026 / 06:55 pm IST
Published Date: April 30, 2026 6:55 pm IST

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में राजनीतिक परामर्श फर्म ‘आई-पैक’ के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को बृहस्पतिवार को यह कहते हुए जमानत दे दी कि ईडी ने उनकी याचिका का विरोध नहीं किया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की इस दलील का संज्ञान लिया कि चंदेल ने 10 दिन तक हिरासत में की गई पूछताछ के दौरान सहयोग किया और “जांच के लिए प्रासंगिक कुछ उपयोगी सुराग एवं जानकारियां प्रदान कीं।”

न्यायमूर्ति बंसल ने कहा कि जांच एजेंसी के अभियोजक ने मौका दिए जाने के बावजूद चंदेल की जमानत अर्जी का विरोध नहीं किया, इसलिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा-45 में उल्लिखित दोहरी शर्तें इस मामले में लागू नहीं होंगी।

पीएमएलए की धारा-45 में उल्लिखित दोहरी शर्तें यह प्रावधान करती हैं कि अभियोजक को जमानत अर्जी का विरोध करने का अवसर दिया जाना चाहिए और अदालत को इस बात को लेकर आश्वस्त होना होगा कि यह मानने के लिए उचित आधार हैं कि आरोपी निर्दोष है और जमानत पर बाहर आने पर कोई अपराध नहीं करेगा।

न्यायमूर्ति बंसल ने कहा, “चूंकि, ईडी आवेदक/आरोपी की वर्तमान जमानत याचिका का विरोध नहीं कर रही है, इसलिए मामले के जांच अधिकारी के बयान को ध्यान में रखते हुए और मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना, आवेदक/आरोपी विनेश कुमार चंदेल को दो लाख रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि का एक विश्वसनीय जमानतदार पेश करने की शर्त पर जमानत दी जाती है…।”

उन्होंने जमानत के लिए कई अन्य शर्तें भी लागू कीं, जिनमें चंदेल का देश से बाहर न जाना, अपना आवासीय पता उपलब्ध कराना, मोबाइल फोन हमेशा ऑन रखना और सुनवाई में नियमित रूप से पेश होना शामिल है।

न्यायमूर्ति बंसल ने कहा, “आवेदक/आरोपी किसी भी गवाह या मामले के तथ्यों से वाकिफ किसी भी व्यक्ति को किसी तरह का प्रलोभन, धमकी या आश्वासन नहीं देगा। वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ या भागने का प्रयास नहीं करेगा।”

इससे पहले 14 अप्रैल को अदालत ने ईडी को चंदेल से 10 दिनों तक हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दे दी थी।

अदालत ने कहा था कि यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि वह अपराध से करोड़ों रुपये की आय अर्जित करने और उक्त राशि का हेरफेर करने से जुड़ी गतिविधियों और प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल थे।

ईडी ने चंदेल को 13 अप्रैल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। 28 अप्रैल को अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।

भाषा पारुल वैभव

वैभव


लेखक के बारे में