असम चुनाव में कांग्रेस की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं : गौरव गोगोई

असम चुनाव में कांग्रेस की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं : गौरव गोगोई

असम चुनाव में कांग्रेस की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं : गौरव गोगोई
Modified Date: May 5, 2026 / 12:00 am IST
Published Date: May 5, 2026 12:00 am IST

गुवाहाटी, चार मई (भाषा) कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सोमवार को कहा कि जनता के अधिकारों और सम्मान के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को इस बार केवल 19 सीटें मिलीं, जो राज्य में उसका अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन है। पांच वर्ष पहले पार्टी ने 26 सीटें जीती थीं।

गोगोई स्वयं जोरहाट सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हितेन्द्र नाथ गोस्वामी से 23,000 से अधिक मतों से चुनाव हार गए।

उन्होंने फेसबुक पर असमिया भाषा में लिखे एक पोस्ट में कहा, “असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मैं इस हार की नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं। लेकिन विचारों की इस लड़ाई में हम हमेशा अडिग रहेंगे और जनता के अधिकारों व सम्मान के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। भविष्य में पार्टी नेतृत्व जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे निभाने के लिए मैं तैयार हूं।”

चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने लगातार तीसरी बार दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। जनादेश को स्वीकार करते हुए गोगोई ने विपक्षी उम्मीदवारों पर भरोसा जताने वाले मतदाताओं का आभार व्यक्त किया।

कांग्रेस इस चुनाव में छह दलों के विपक्षी गठबंधन का हिस्सा थी, जिसमें रायजोर दल ही एकमात्र अन्य दल रहा, जो अपना खाता खोल पाने में सफल रहा और उसे दो सीट पर जीत हासिल हुई।

गोगोई ने कहा, “सभी विजयी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। आशा है कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे और राज्य की प्रगति, शांति व समृद्धि के लिए काम करेंगे।”

गोगोई ने कहा कि कांग्रेस अपनी हार के कारणों का विश्लेषण करेगी और मजबूत टीम के साथ जनता के बीच वापस आएगी।

अपनी हार पर उन्होंने कहा, “मैं विनम्रतापूर्वक जनता के फैसले को स्वीकार करता हूं।”

गौरव गोगोई तीन बार के सांसद हैं और उन्होंने 2024 के आम चुनाव में जोरहाट लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी।

उन्होंने कहा कि जनादेश के अनुरूप कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी, सरकार के अच्छे कार्यों में सहयोग करेगी और जनविरोधी नीतियों का विरोध करेगी।

भाषा रवि कांत रवि कांत सुभाष

सुभाष


लेखक के बारे में