खेल के मैदान पर कब्जे का प्रयास करने वालों की कलाई काटकर अलग कर दूंगा: तृणमूल विधायक

खेल के मैदान पर कब्जे का प्रयास करने वालों की कलाई काटकर अलग कर दूंगा: तृणमूल विधायक

खेल के मैदान पर कब्जे का प्रयास करने वालों की कलाई काटकर अलग कर दूंगा:  तृणमूल विधायक
Modified Date: November 29, 2022 / 07:51 pm IST
Published Date: October 17, 2021 12:58 pm IST

कोलकाता, 17 अक्टूबर (भाषा) सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक ने धमकी दी है कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में उनके निर्वाचन क्षेत्र में स्थित खेल के मैदान पर कब्जे का प्रयास करने वाले कथित भू-माफियाओं की कलाइयां काटकर वह हाथ से अलग कर देंगे।

कमरहाटी से विधायक मदन मित्रा ने हालांकि अपनी टिप्पणी के लिए बाद में माफी मांग ली।

राज्य के पूर्व खेल मंत्री मित्रा ने दावा किया कि स्वयं को उनकी पार्टी का समर्थक बताने वाले कुछ लोग बेलघरिया इलाके में मेघनाद मठ में एक अपार्टमेंट परिसर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

मित्रा ने शनिवार रात को फेसबुक लाइव के दौरान कहा, ‘‘कुछ अपराधी खेल के एक मैदान पर अवैध निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं। मैं और स्थानीय सांसद सौगत रॉय इस मैदान के सौंदर्यीकरण करने की योजना बना रहे हैं। इसमें, तीन लोगों के नाम बार-बार आ रहे हैं। उन पर मेरी नजर है। मैं प्राथमिकी दर्ज करवाऊंगा और यदि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है तो मैं मैदान को बचाने के लिए जन आंदोलन शुरू करूंगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यदि उन्हें लगता है कि वे मुझे धमका सकते हैं, मुझे खरीद सकते हैं तो वे गलत हैं। उनको यह मेरी अंतिम चेतावनी है। यदि उन्होंने मैदान पर उंगली रखने की भी कोशिश की तो मैं उनके हाथों से कलाई काटकर अलग कर दूंगा। जरूरत पड़ी तो मैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास जाऊंगा और उन्हें बताऊंगा कि किस तरह कुछ लोग पार्टी के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं।’’

नैहाटी से तृणमूल कांग्रेस के विधायक पार्थ भौमिक ने कहा कि खेल के मैदान से बच्चों के अधिकार छीनने के प्रयास होते देख पूर्व मंत्री को पीड़ा हुई। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि उन्हें किसी के हाथ से कलाई काटकर अलग करने जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।’’

इसके बाद मित्रा ने एक और बार फेसबुक लाइव किया जिसमें कहा, ‘‘मैं अपने शब्द वापस लेता हूं, मैं समझता हूं कि हम सत्तारूढ़ दल हैं और हमें संयम दिखाना चाहिए लेकिन कुछ लोगों को ऐसी ही भाषा समझ में आती है।’’

भाषा

मानसी प्रशांत

प्रशांत


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