आरोप साबित हुए तो राजनीति छोड़ दूंगा : केरल कांग्रेस प्रमुख

आरोप साबित हुए तो राजनीति छोड़ दूंगा : केरल कांग्रेस प्रमुख

आरोप साबित हुए तो राजनीति छोड़ दूंगा : केरल कांग्रेस प्रमुख
Modified Date: November 29, 2022 / 08:56 pm IST
Published Date: July 5, 2021 12:25 pm IST

तिरूवनंतपुरम, पांच जुलाई (भाषा) केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) प्रमुख के. सुधाकरन ने सोमवार को एलडीएफ सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनके जैसे सांसद के खिलाफ सतर्कता मामला दर्ज करने से पहले अनिवार्य प्रक्रिया का पालन किया जाए।

उन्होंने माक्सर्ववादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत सरकार से उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को साबित करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांचकर्ता इसे साबित कर देंगे तो वह राजनीति से सन्यास ले लेंगे।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं, चाहे वह सीबीआई जांच या न्यायिक जांच ही क्यों ना हो। यदि वे साबित कर देंगे कि मैंने एक रुपये की भी कोई वित्तीय अनियमितता की है, तो मैं सदा के लिए राजनीति छोड़ दूंगा।’’

उन्होंने शिकायतकर्ता एवं अपने पूर्व वाहन चालक प्रशांत बाबू की असलियत और पृष्ठभूमि पर भी सवाल खड़े किये, जिन्होंने हाल में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार एवं कोष में अनियमितता बरतने की शिकायत सर्तकता और भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो के पास दर्ज कराई थी।

सुधाकरन ने यह भी कहा कि यदि किसी विश्वसनीय व्यक्ति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जाता, तो यह बात समझ में आ सकती थी।

गौरतलब है कि एक दिन पहले सतर्कता और भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने कहा था कि उसने केपीसीसी प्रमुख के खिलाफ इस शिकायत की प्रारंभिक जांच का कोई आदेश नहीं दिया था, बल्कि सिर्फ शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि को सत्यापित करने का निर्देश दिया था।

सुधाकरन ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता एक ऐसा व्यक्ति है जिसे कांग्रेस पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था क्योंकि यह जाहिर हो गया था कि उसने कुछ समय पहले माकपा के गुंडों से उनकी हत्या कराने की कोशिश की थी।

बाबू के उनके वाहन चालक होने का दावा करने वाली खबरों को खारिज करते हुए सुधाकरन ने कहा कि जब स्थायी चालक ड्यूटी पर नहीं रहता था तभी उसे बुलाया जाता था।

सुधाकरन ने आरोप लगाया कि बाबू ने उस बैंक के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी की, जहां वह काम करता था और कई लोगों को नवनिर्मित कन्नूर हवाईअड्डे में नौकरी दिलाने का वादा कर ठगी की।

उन्होंने इन आरापों को भी खारिज कर दिया कि उनहोंने या कन्नूर जिला कांग्रेस समिति के किसी पदाधिकारी ने करूणाकरन मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से कोई रकम स्वीकार की।

बाबू द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक सुधाकरन ने के. करूणाकरन ट्रस्ट द्वारा एक स्मारक के निर्माण के लिए प्राप्त रकम में से 32 करोड़ रुपये के कोष की अनियमितता की।

भाषा

सुभाष नरेश

नरेश


लेखक के बारे में