वायनाड सुरंग परियोजना स्थल भूस्खलन के छठे दिन भी लापता व्यक्ति की तलाश जारी

वायनाड सुरंग परियोजना स्थल भूस्खलन के छठे दिन भी लापता व्यक्ति की तलाश जारी

वायनाड सुरंग परियोजना स्थल भूस्खलन के छठे दिन भी लापता व्यक्ति की तलाश जारी
Modified Date: July 12, 2026 / 01:33 pm IST
Published Date: July 12, 2026 1:33 pm IST

वायनाड (केरल), 12 जुलाई (भाषा) वायनाड के कल्लाडी में सुरंग परियोजना स्थल पर सात जुलाई को आए भूस्खलन के बाद लापता एकमात्र व्यक्ति की तलाश के लिए रविवार को छठे दिन भी विभिन्न एजेंसियों एवं स्वयंसेवी समूहों को शामिल करते हुए एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया।

यह भूस्खलन वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पाडी सुरंग परियोजना स्थल पर हुआ था। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है।

लापता व्यक्ति की पहचान हिमाचल प्रदेश निवासी निर्माण प्रबंधक विक्रम राणा के रूप में हुई है।

केरल के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने पत्रकारों को बताया कि मीनाचिल नदी के किनारे बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), विशेष अभियान समूह (एसओजी), दमकल एवं बचाव सेवा, त्वरित प्रतिक्रिया दल, वन विभाग के कर्मचारी और युवा स्वयंसेवी संगठन शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि भूस्खलन स्थल से लेकर मीनाक्षी नदी के निचले हिस्से तक पूरे क्षेत्र को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है और प्रत्येक क्षेत्र में तलाशी के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। नदी के दोनों किनारों पर भी तलाशी ली जा रही है।

मंत्री ने आशंका जताई है कि लापता व्यक्ति का शव मलबे के नीचे फंसा हो सकता है या चट्टानों और बड़े पत्थरों के नीचे दबा हो सकता है। इसलिए चिन्हित सभी क्षेत्रों में एक साथ व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

सिद्दीकी ने बताया कि उपलब्ध वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद श्रमिकों से मिली जानकारी के आधार पर ऊपरी इलाकों में भी तलाशी जारी है।

मंत्री के अनुसार, नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित एक तालाब के पास भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, जहां भूस्खलन के कारण बहकर आई लोहे की छड़ें और अन्य मलबा जमा हो गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘अधिकारियों और श्रमिकों ने हमें बताया कि लापता व्यक्ति को आखिरी बार उसी क्षेत्र के पास देखा गया था। पूरे मलबे वाले इलाके की गहन तलाशी ली जा रही है।’’

आपदा का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञ दल के पहुंचने के संबंध में सिद्दीकी ने कहा कि उसके जल्द ही मौके पर पहुंचने की संभावना है।

तलाशी अभियान के मद्देनजर मेप्पाडी-चूरलमाला मार्ग पर सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे।

भाषा प्रचेता रंजन

रंजन


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