काश मेरे पास लोगों की असुरक्षा का कोई ‘एंटीडोट’ होता: मनीष तिवारी
काश मेरे पास लोगों की असुरक्षा का कोई 'एंटीडोट' होता: मनीष तिवारी
नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पार्टी की पंजाब इकाई में नए कार्यकारी अध्यक्षों और विभिन्न चुनाव समितियों के प्रमुखों की नियुक्तियों में खुद को ‘नजरअंदाज किए जाने’ पर बृहस्पतिवार को कहा कि काश उनके पास ‘‘व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षा’’ का कोई ‘एंटीडोट’ (प्रतिरोधक) होता।
तिवारी को पंजाब कांग्रेस के हालिया संगठनात्मक पुनर्गठन में कोई जिम्मेदारी नहीं मिली है।
उन्होंने एक खबर साझा की, जिसमें कहा गया है कि पंजाब में कांग्रेस ने नए कार्यकारी अध्यक्षों और विभिन्न चुनाव समितियों के प्रमुखों की नियुक्ति की, लेकिन मनीष तिवारी को नजरअंदाज कर दिया गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और चंडीगढ़ से लोकसभा सदस्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे। काश मेरे पास व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का कोई एंटीडोट होता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मुझे पिछले 45 वर्षों में बहुत कुछ दिया है और मैंने भी अपने पूरे वयस्क जीवन को दशकों तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सेवा में समर्पित किया है।’’
तिवारी ने यह भी कहा कि जो होना है, वह होकर रहेगा।
कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले अपनी प्रदेश इकाई के नेतृत्व में बदलाव से जुड़ी अटकलों पर विराम लगाते हुए बुधवार को कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा अपने पदों पर बने रहेंगे।
इसके साथ ही, पार्टी ने अपने दलित चेहरे और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख नियुक्त किया। पार्टी ने लोकसभा सदस्य सुखजिंदर रंधावा को कोर कमेटी, पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंघला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति और सांसद अमर सिंह को घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष बनाया है।
भाषा हक
वैभव
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